Food poisoning: फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जो दूषित खाना या पानी पीने से हो सकती है। अक्सर लोग इसे पेट दर्द, उल्टी या दस्त की सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादातर मामलों में मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार यह समस्या गंभीर रूप भी ले सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या फूड पॉइजनिंग से किसी की जान भी जा सकती है? आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके (Food poisoning treatment)।
फूड पॉइजनिंग
क्या फूड पॉइजनिंग जानलेवा हो सकती है?
फूड पॉइजनिंग के कुछ गंभीर मामले जानलेवा हो सकते हैं। ऐसा तब होता है, जब दूषित भोजन में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या उनके टॉक्सिन शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार उल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है। इसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो गंभीर डिहाइड्रेशन के कारण किडनी और शरीर के दूसरे अंगों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, फूड पॉइजनिंग के ज्यादातर मामले गंभीर नहीं होते और सही देखभाल से ठीक हो जाते हैं।
फूड पॉइजनिंग होने के क्या कारण हैं?
फूड पॉइजनिंग की सबसे बड़ी वजह दूषित खाना या पानी है। इसके कई कारण हो सकते हैं- बासी या खराब हो चुका खाना खाना। खाना बनाने से पहले हाथ ठीक से साफ न करना। दूषित पानी पीना। कच्चे और पके हुए खाने को एक साथ रखना। खाने को सही तापमान पर स्टोर न करना। अधपका मांस, अंडे या दूसरी चीजें खाना। चावल, नूडल्स और दूसरे स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों को पकाने के बाद लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ने से भी कुछ बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसलिए खाने को सही तरीके से रखना बेहद जरूरी है।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या हैं?
दूषित खाना खाने के बाद कुछ घंटों में या कई दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण किस वजह से हुआ है। इसके सामान्य लक्षण हैं- पेट में दर्द या ऐंठन। उल्टी और जी मिचलाना। बार-बार दस्त होना। बुखार आना। कमजोरी और थकान महसूस होना। शरीर में पानी की कमी होना। अगर लगातार उल्टी हो रही है, मल में खून आ रहा है, तेज बुखार है, पेशाब बहुत कम हो रहा है या चक्कर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए क्या करें?
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है। खाना बनाने और खाने से पहले हाथ साबुन से धोएं। फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ करें। खाना पूरी तरह पकाकर खाएं। पके हुए खाने को लंबे समय तक बाहर न छोड़ें। बचे हुए खाने को समय पर फ्रिज में रखें। साफ और सुरक्षित पानी पिएं। कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग रखें।
