India Is At Higher Risk Of Hepatitis After China: हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है। इस स्थिति में व्यक्ति के लिवर में गंभीर सूजन हो जाती है। लिवर हमारे शरीर में कई कार्यों के संचालन में अहम भूमिका निभाता है। कोलेस्ट्रॉल का निर्माण, न्यूट्रिएंट्स को फिल्टर करना, पाचन रस रिलीज करना, रक्त को तोड़ने और संसाधित करने और शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन आदि में लिवर की अहम भूमिका होती है। लेकिन जब लिवर में सूजन या हेपेटाइटिस की बीमारी हो जाती है, तो इसकी वजह से लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। हेपेटाइटिस के कई-कई अलग-अलग प्रकार हैं, जिन्हें हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी शामिल हैं। आपको बता दें कि अगर लंबे समय तक इस स्थिति का उपचार नहीं किया जाता है, तो यह कैंसर जैसे गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। अभी हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में हेपेटाइटिस की गंभीरता को लेकर बड़ा खुलासा किया है। WHO की नई रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा देश है, जहां हेपेटाइटिस का खतरा सबसे ज्यादा है। इस लेख में विस्तार से जानें हेपेटाइटिस के बारे में जरूरी जानकारी।
India Is At Higher Risk Of Hepatitis After China
क्या कहती है WHO की रिपोर्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन की हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में यह बताया गया है कि साल 2022 में भारत में हेपेटाइटिस बी और सी के 3.50 करोड़ पीड़ित थे। चीन के बाद भारत विश्व का दूसरा ऐसा देश हैं जहां इस बीमारी के सबसे ज्यादा मामले पाए गए। संक्रामक बीमारियों में हेपेटाइटिस वैश्विक स्तर पर मौत का दूसरा प्रमुख कारण बन गई है। WHO ने रिपोर्ट में हेपेटाइटिस बी और सी के कारण लोगों को मौत के मामलों के आंकड़ों को लेकर चिंता भी जताई है, इस बीमारी के कारण दुनिया भर में हर साल 13 लाख लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इसलिए बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतना आवश्यक है।
हेपेटाइटिस से बचने के उपाय- How To Prevent Hepatitis In Hindi
हेपेटाइटिस बी और सी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है टीकाकरण है। दुनिया भर में इसके वैक्सीन मौजूद हैं। इसलिए इसकी वैक्सीन जरूर लगवाएं। यह इसकी रोकथाम में कारगर है। इसके अलावा, अगर किसी कोई व्यक्ति पहले से इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आता है, तो उन्हें इसकी जांच जरूरी कराना चाहिए, क्योंकि यह संक्रमण खांसने, छींकने, भोजन साझा करने और बात-चीत के दौरान फैल सकता है। इसके अलावा, इन बातों का भी ध्यान रखें
- यौन संबंध बनाते समय कंडोम का प्रयोग जरूर करें
- किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं।
- पहले से इस्तेमाल हुए सूंई के प्रयोग, कान या नाक छिदवाने, टैटू आदि बनवाने के लिए प्रयोग की जाने वाली सुई के प्रयोग से बचें।
- किसी भी व्यक्ति के रक्त या तरल के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- एक दूसरे की चीजें साझा करने से बचें।
- महिलाएं इस्तेमाल किए हुए सैनिटरी नैपकिन और टैम्पॉन को सुरक्षा के साथ पैक करें और फेंक दें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
