Herbs to cure Gastric Problem: तला-भुना और बासी खाना खाने और बिगड़ी लाइफस्टाइल की कुछ आदतों की वजह से आजकल अधिकतर लोगों को गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स जैसे गैस, एसिडिटी, सीने में जलन, पाचन में दिक्कत और कभी-कभी पेट दर्द का सामना करना पड़ता है। पेट में फंसी हुई गैस का अहसास काफी परेशान करने वाला होता है। आज कल गैस बनना और पेट का फूलना एक आम समस्या बनती जा रही है। जब गैस ज्यादा बनने लगे और अपने आप ठीक ना हो रही हो तो कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर पेट संबंधी विकारों से निजात पाई जा सकती है। आपकी रसोई में मिलने वाली कई चीजों से पेट की समस्याओं को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। आज ऐसी ही 7 जड़ी बूटियों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
Herbs for Gastric Problems (Istock)
अदरक
आपकी रसोई में मिलने वाला अदरक औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है। अदरक में पाई जाने वाले एंटीइन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण हमारे शरीर में इन्फ्लेमेशन को दूर करते हैं। और हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं। पेट संबंधी विकारों से बचाव के लिए अदरक को सुखाकर पाउडर के रूप में सेवन किया जाता है।
त्रिफला
हरड़, बहेड़ा और आंबला इन तीन चीजों की बराबर मात्रा से मिलकर बना त्रिफला चूर्ण हमारे डायजेस्टिव सिस्टम के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है। अपच और कब्ज जैसी समस्याओं के निवारण के लिए त्रिफला चूर्ण रामबाण की तरह काम करता है।
सौंफ
सौंफ पाचन संबंधी समस्याओं जैसे पेट फूलना, गैस और कब्ज के इलाज में काफी मदद करते हैं। सौंफ का प्रयोग करने से हमारी आंतों में चिकनाहट बनी रहती है। जिससे कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। इसके साथ ही सौंफ का सेवन करने से हमारे शरीर में पाचन एंजाइम्स का उत्पादन काफी तेज हो जाता है।
पुदीना
अपनी ठंडी प्रकृति के लिए जाना जाने वाला पुदीना गर्मी से होने वाली पेट की समस्याओं के लिए बेहद कारगर साबित होता है। पेट में जलन, मितली पेट में सूजन और अपच जैसी गैस्ट्रिक समस्याओं से निजात दिलाने के लिए पुदीने का सेवन बहुत लाभकारी होता है।
जीरा
गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स से निजात पाने में जीरा एक बेहद कारगर आयुर्वेदिक उपाय है। जीरे का सेवन करने से हमारे पाचन एंजाइम बूस्ट होते हैं। जिससे हमारा पाचन तंत्र मजबूत होता है। पेट में बनने वाली गैस से निजात दिलाने में जीरा बहुत कारगर औषधि है।
मुलेठी
पेट की खराबी, एसिडिटी और अपच के लिए मुलेठी का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। यह पेट में जलन, कब्ज और सूजन जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए शानदार घरेलू उपाय है। पेट संबंधी रोगों के अलावा मुलेठी के कई औषधीय गुण हैं। मुलेठी को वात और पित्त दोष नाशक भी माना जाता है।
धनिया
धनिए में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने का काम करते हैं। इसके साथ ही हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए धनिए का पानी बहुत लाभ करता है। धनिया पाचन एंजाइमों और पाचन रसों के उत्पादन को बढ़ाने का काम करता है। जिससे हमारा पाचन तंत्र दुरुस्त होता है।
