अच्छी सेहत और लंबा जीवन हर इंसान की प्राथमिकता होती है, जिसके लिए लोग खानपान से लेकर एक्सरसाइज तक कई तरह के जतन करते हैं। हालांकि, कई बार अनजाने में हम कुछ ऐसी आदतों के शिकार हो जाते हैं जो हमारी सेहत को गंभीर नुकसान पहुँचाती हैं। जाने माने कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में एक ऐसी ही बड़ी और छुपी हुई स्वास्थ्य समस्या के बारे में आगाह किया है, जिसे उन्होंने सेहत के लिए सबसे खतरनाक साइलेंट किलर बताया है।
क्या है वह खतरनाक चीज?
डॉ. जेरेमी लंदन के अनुसार, सेहत के लिए सबसे बड़ा और खतरनाक दुश्मन आत्मसंतुष्ट यानी कॉम्प्लेसेंट होना है। जब इंसान अपनी मौजूदा जीवनशैली या स्वास्थ्य स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट होकर लापरवाह हो जाता है, तो यह स्थिति धीरे-धीरे एक गंभीर जाल बन जाती है। यह एक ऐसा साइलेंट किलर है जो चुपचाप हमारी सेहत की जड़ें खोखला कर देता है।
कैसे बनती है यह आदत?
डॉ. लंदन बताते हैं कि कई बार हम उन समस्याओं को भी अपनी सामान्य जिंदगी का हिस्सा मानकर नजरंदाज करने लगते हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए:
- लम्बे समय से खाई जा रही कोई दवा, जिसके बारे में आपने कभी डॉक्टर से दोबारा यह नहीं पूछा कि क्या अब इसकी जरूरत है या नहीं।
- कोई मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट असामान्य आई हो, जिसे आपने डॉक्टर को दिखाने या दोबारा जांच कराने के बजाय टाल दिया हो।
- शरीर में लगातार बने रहने वाले छोटे-छोटे लक्षण, जैसे थकान, सीने में हल्की बेचैनी या दर्द, जिन्हें आपने यह मानकर छोड़ दिया कि यह तो उम्र या काम की थकान का हिस्सा है।
रूटीन और लापरवाही में अंतर समझें
एक हेल्दी लाइफस्टाइल के तहत बनाया गया रूटीन आपको आगे बढ़ाता है, जबकि लापरवाही या ठहराव आपको एक ही जगह रोककर रखता है। अंदर से देखने पर ये दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम बिल्कुल विपरीत होते हैं। डॉ. लंदन का कहना है कि लोग अक्सर बदलाव से डरते हैं, लेकिन असल डर इस बात का होना चाहिए कि आप अपनी पुरानी और गलत आदतों के साथ उसी जगह पर बने हुए हैं।
बचाव और सुधार के उपाय
इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए डॉक्टर लंदन सेल्फ इवेलुएशन की सलाह देते हैं। बड़े बदलाव करने की बजाय छोटे और निरंतर कदम उठाना ज्यादा फायदेमंद होता है। अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स की समीक्षा करें, डॉक्टर से सलाह लें और अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करने से न डरें। सेहत के मामले में थोड़ी सी सतर्कता और सक्रियता आपको कई बड़ी बीमारियों से सुरक्षित रख सकती है।
