Frequent Snacking Can Damage Teeth: अगर आपकी भी दिनभर कुछ न कुछ खाने की आदत है - कभी नमकीन, कभी बिस्किट, कभी मीठा तो यह टेक्निकली आप अपने दांतों को लगातार काम पर लगाए रखते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, बार-बार स्नैक्स चबाने से मुंह में एसिड बार-बार एक्टिव होता है, जिससे दांतों पर एसिड अटैक होने लगता है। यह धीरे-धीरे इनेमल को घिसता है और दांतों को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इस आदत को हल्का मत समझिए।
बार-बार स्नैकिंग की आदत है डेंजर
बार-बार खाने से मुंह में एसिड लेवल बढ़ जाता है
डेंटिस्ट के अनुसार हर बार जब हम कुछ खाते हैं, खासकर कार्ब्स और मीठा, तो मुंह में बैक्टीरिया उन्हें तोड़कर एसिड छोड़ते हैं। यह एसिड दांतों पर बार-बार हमला करता है, जिसे ‘एसिड अटैक’ कहा जाता है। अगर आप हर एक घंटे में कुछ न कुछ खाते रहते हैं, तो दांतों को रिकवर होने का समय ही नहीं मिलता।
इनेमल लगातार कमजोर होता जाता है
इनेमल हमारे दांतों की पहली सुरक्षा-कवच है। लेकिन फ्रीक्वेंट स्नैकिंग की वजह से एसिड बार-बार इनेमल को नरम करता है। जब इनेमल कमजोर हो जाता है, तो दांत संवेदनशील होने लगते हैं और कैविटी का रिस्क तेजी से बढ़ जाता है।
स्नैकिंग में ज्यादातर चीजें हाई-शुगर या हाई-कार्ब होती हैं
बिस्किट, नमकीन, चॉकलेट, पेय पदार्थ ये सभी जल्दी टूटते हैं और बैक्टीरिया के लिए ईंधन बन जाते हैं। यही कारण है कि स्नैक्स दांतों को मुख्य मील की तुलना में ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि इनका एसिड रिएक्शन तेज और ज्यादा होता है।
मुंह का pH बार-बार गिरता है, जिससे डैमेज बढ़ता है
सही pH दांतों को सुरक्षित रखता है, लेकिन बार-बार खाने से pH एसिडिक लेवल तक गिरता रहता है। यह गिरा हुआ pH दांतों की सतह को घिसता है और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सही माहौल बना देता है।
बीच-बीच में ब्रश करना भी हमेशा समाधान नहीं
डेंटिस्ट बताते हैं कि खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश करना उल्टा नुकसान कर सकता है, क्योंकि उस समय इनेमल नरम होता है। ऐसे में ब्रश इनेमल को और नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सही आदतें और वक्त पर स्नैकिंग रोकना ही सबसे बड़ा समाधान है।
दांत बचाने का सबसे आसान तरीका
डेंटिस्ट की सलाह है कि बिना वजह कुछ चबाने की आदत छोड़ें। मील के बीच लंबा गैप रखें और स्नैकिंग कम करें। पानी बार-बार पीने से एसिड न्यूट्रल होने में मदद मिलती है और दांत सुरक्षित रहते हैं।
