महिलाओं की सेहत: पीरियड्स में हाइजीन न रखने से हो सकती है ये इंफेक्शन, तेज बुखार से दौरे पड़ना तक लक्षण- कैसे कम करें रिस्क

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 17, 2023, 12:54 PM IST

What is Toxic Shock Syndrome (टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम क्या होता है) : पीरियड्स में महिलाओं को कई तरह की इंफेक्शन हो सकती है जिससे उनकी जान पर खतरा तक हो जाता है। ऐसे ही बैक्टीरियल इंफेक्शन से जुड़ा एक सिंड्रोम है जो महिलाओं के लिए खतरनाक माना जाता है। इसे टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम कहते हैं।

What is Toxic Shock Syndrome (टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम क्या होता है) : बैक्टीरियल इंफेक्शन होना सुनने में इतना खतरनाक नहीं लगता है, जितना ये वाकई में होता है। टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम एक ऐसा ही बैक्टीरियल संक्रमण है। जो खासतौर से महिलाओं को प्रभावित करता है, तथा स्थिति बिगड़ने पर उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है। बता दें कि ये दुर्लभ माना जाने वाला सिंड्रोम स्टैफिलोकोकस ऑरियस या स्टैफ नाम के जीवाणु के संपर्क में आने से होता है। वैसे तो ये बीमारी पुरुषों को, बच्चों को और पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में से किसी को भी प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन देखा गया है कि, ये बैक्टीरिया खासतौर से पीरियड्स के समय में महिलाओं के शरीर पर अत्यधिक नकारात्मक प्रभाव डालता है।

what is Toxic Shock Syndrome in hindi

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अब पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाएं पैड्स का इस्तेमाल करती हैं, तो कुछ टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप्स का। तीनों के ही उपयोग से उन दिनों की दिक्कत कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन टैम्पोन का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम ज्यादा होने की संभावना होती है। अब आप सोच रही होंगी कि ऐसे कैसे और क्यों होता है? तो बता दें कि ये बीमारी जीवाणुओं द्वारा उत्पादित विषाक्त पदार्थों के कारण होता है। ये रही इस खतरनाक स्थिति से जुड़ी कुछ अन्य खास बातें, जिन्हें नजरअंदाज करने की गलती आपको भी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

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