Millets in Summer Season (मोटे अनाज के फायदे, कब खाएं): मोटे अनाज को सुपर फूड कहा जा सकता है, क्योंकि इसमें खास सेहतमंद गुण होते हैं। हमारे लिए जरूरी सभी पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज के अंतर्गत आठ अनाज शामिल हैं। इसमें ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू की फसल आती है। वर्तमान केन्द्र सरकार ने भी साल 2023-24 का बजट पेश करते हुए अनेक घोषणाएं की। जिसमें देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोटे अनाज के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि इसे दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाएगा।
Millets in Summer Season
मोटे अनाज क्यों हैं फायदेमंद
प्रोटीन, फाइबर विटामिन-बी और आयरन जैसे खनिज पदार्थों से भरपूर मोटे अनाज एक सुपरफूड हैं। जो हमारे शरीर में कई तरह के रोगों को आने से रोकते हैं। ये अनाज ग्लूटन-फ्री होते हैं, जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में हमारी बेहद सहायता करते हैं। मोटे अनाज का लगातार सेवन करने से वजन कम होने के साथ-साथ हमारा शरीर एनर्जेटिक फील करता है। इतने फायदे होने के कारण WHO और फूड एंड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने साल-2023 को मोटा अनाज वर्ष (International Year of Millets 2023) घोषित किया है।
यदि आप अपने आहार में मोटे अनाज को शामिल करना चाहते हैं तो आज हम आपको इसका सही तरीका बताने जा रहे हैं।
रागी कब खाना चाहिए
रागी प्रकृति के मुताबिक एक गर्म अनाज है जिसे ठंड के मौसम में खाना सबसे अच्छा माना जाता है। रागी को लाल बाजरा भी कहा जाता है। पूरे विश्व में रागी का 58% उत्पादन अकेले भारत में होता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यदि आपको बाजरा खाने में पाचन संबंधी समस्या आ रही है तो रागी आपके लिए बेहतर विकल्प है।
ज्वार कब खाना चाहिए
ज्वार को मोटे अनाज में सबसे अच्छा माना जाता है। ज्वार का सेवन पूरे साल किया जा सकता है। प्रोटीन, आयरन और फाइबर से भरपूर ज्वार का सेवन करने से हमारा कोलेस्ट्रॉल लेबल सामान्य रहता है। इसका नियमित सेवन करने से आपका वजन कम होता है साथ ही ब्लड-प्रेशर भी नियंत्रण में रहता है।
बाजरा कब खाना चाहिए
मोटे अनाजों में बाजरा को सबसे गर्म माना जाता है। इसलिए इसका सेवन केवल गर्मी के मौसम में करने के लिए कहा गया है। गर्मी के मौसम में बाजरे का सेवन करने से बचना चाहिए। सुपरफूड बाजरा में अमीनो एसिड, कैल्शियम, जिंक, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन (बी6, सी, ई) जैसे कई विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा पाए जाते है। प्रति 100 ग्राम बाजरे में लगभग 11.6ग्राम प्रोटीन और 67.5ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।
कैसे करें मोटे अनाज का सेवन
मोटे अनाज को अपनी डाइट में शामिल करते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसे एक साथ डाइट का हिस्सा ना बनाएं, क्योंकि इससे आपको पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
मोटे अनाज का सेवन करने से इनको भिगो दें जिससे इनमें मौजूद फाइटिक एसिड और अन्य भारी तत्व पानी में अवशोषित हो जाते हैं।
इसके साथ ही हाइपोथारायडिज्म से पीढ़ित लोगों को मोटे अनाजों का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इनमें पाया जाने वाला गोइस्ट्रोजन आयोडीन के अवशोषण में बाधा उत्पन्न करता है।
क्या गेहूं का विकल्प हैं मोटे अनाज
यदि आप गेहूं का हेल्दी विकल्प तलाश रहे हैं तो ज्वार, बाजरा और रागी इसके हेल्दी विकल्प हैं। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए डेली एक ही अनाज का सेवन करने की बजाय अलग-अलग दिन अलग तरह के अनाज खाएं।
