क्या सिगरेट से कम नुकसानदायक है E-cigarettes? जानें ई सिगरेट से जुड़े मिथ और सच

  • Authored by: सोनाली ठाकुर
  • Updated Dec 17, 2022, 01:32 PM IST

सिगरेट की तरह ई सिगरेट में निकोटिन की मात्रा होती है लेकिन इसे सिगरेट से कम नुकसानदायक माना जाता है। इसमें अलग-अलग फ्लेवर होने के कारण युवाओं में इसे काफी मशहूर माना जाता है। भारत में ई सिगरेट पर 2019 में बैन लगा दिया था। इसे पीने या बेचने वाले को 1 साल की सजा के साथ जुर्माना दोनों भरना पड़ता है।

E-cigarettes myth: ईलेक्ट्रॉनिक सिगरेट जिसे आमतौर पर हम ई-सिगरेट के रूप में जानते हैं। कहा जाता है कि इसे पीने से नुकसान नहीं होता है। भारत ने 2019 में ई-सिगरेट के प्रोडक्शन, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट, विज्ञापन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर बैन लगा दिया था। लेकिन उसके बावजूद अवैध रूप से इसका इंपोर्ट भारत में होता रहा है। ई-सिगरेट खासतौर पर कॉलेज और स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच स्टाइल स्टेटमेंट की चीज है। आज हम आपको ई-सिगरेट से जुड़े मिथ के बारे में जानकारी देंगे साथ ही इसके नुकसान के बारे में बताएंगे।

क्या सिगरेट से कम नुकसानदायक है E-cigarettes? जानें ई सिगरेट से जुड़े मिथ और सच

क्या होता है ई-सिगरेट?

ई-सिगरेट या वेप पेन एक ईलेक्ट्रानिक गैजेट है जिसे गर्म किया जाता है। इसे बैटरी के जरिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक स्वीच लगा होता है जिसे जलाने पर ये गर्म होने के बाद एक तरीके का भाप बनाता है जिसे लोग शरीर के अंदर निकोटिन की मात्रा को पहुंचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस ई सिगरेट में एक बल्ब लगा होता है जो कश लगाने पर जलता है और नॉर्मल सिगरेट में तंबाकू जलने जैसा फील देता है। ई-सिगरेट के अंदर पाए जाने वाले केमिकल के बारे में मौलाना आजाद मेडिकल हॉस्पिटल के साइकोलॉजी एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर रवि कौशिक ने बताया, "इसके अंदर तरल पदार्थ और केमिकल के अलावा ग्लिसरिन भी पाया जाता है जो इसे गर्म करने में मदद करता है। ई सिगरेट के जलने पर धुंआ नहीं निकलता इसलिए इसे कहीं भी पीया जा सकता है।"

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