बहुत कठिन है 2024 में विपक्षी पार्टियों की डगर! केंद्र की राजनीति में तो साथ, लेकिन क्या राज्यों में भी बरकरार रहेगी एकता?

  • Authored by: रंजीता झाEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 3, 2023, 10:53 PM IST

सावरकर पर राहुल गांधी के बयान ने शिवसेना उद्धव गुट और कांग्रेस में बीच नाराजगी को बढ़ाने का काम किया, हालांकि मुद्दे को पवार की मध्यस्थता के बाद जल्द खत्म कर दिया गया लेकिन पार्टियों में ये आम सहमति बनाई गई है कि वो बयान जो दूसरी पार्टी कि विचारधारा को आहत करें और जिससे चुनावी तौर पर भी किसी तरह का फ़ायदा न हो उसपर बयान देने से नेताओं को बचना चाहिए।

राहुल गांधी की सदस्यता ख़त्म होने, अड़ानी मुद्दे और विपक्षी पार्टियों के नेताओ पर ED, CBI का शिकंजा ने विपक्षी पार्टियों के कुनबे को एक कर दिया है। पिछले दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में 18 पार्टियां शामिल हुई। इस बैठक में समान विचारधारा, समान एजेंडा पर बात करने पर सहमति बनाई गई। बैठक में शरद पवार, सोनिया गांधी, रामगोपाल यादव ,राहुल गांधी सहित विपक्षी पार्टियों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

oppostion unity

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष एकजुट?

विपक्षी पार्टियों का एक सबग्रुप तैयार किया जाएगा

कांग्रेस के उच्चस्तरीय सूत्रों के हवाले से खबर की बात करें तो अप्रैल के महीने में विपक्षी पार्टियों के पार्टी अध्यक्षों की एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें विपक्षी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं का एक सबग्रुप तैयार किया जाएगा, जो 2024 लोकसभा चुनाव तक विपक्ष के सामूहिक मुद्दे, एजेंडा पर काम करेगा। पार्टियों के बीच ये भी तय किया गया है कि कुछ मुख्य मुद्दे जो मोदी सरकार की विफलताओं और जनता से जुड़े हों उसपर पार्टी साथ मिलकर बयान दे। बीजेपी के धार्मिक बयानों पर प्रतिक्रिया देने से बचा जाए।

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