Explained: क्या बदल जाएगा माउंट आबू का नाम? आबूराज तीर्थ के नाम पर नया 'सियासी पैंतरा'; बदल जाएगा बहुत कुछ

नाम बदलने को लेकर देश के कई हिस्सों में कई बार आंदोलन से लेकर राजनीति होती रही है। कभी इसके मायने सार्थक भी रहे है और कभी कभार यह निरर्थक भी रहा है। अब राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू के नाम को बदलने को लेकर सियासत होती दिख रही है। एक तरफ माउंट आबू के नागरिक इस नाम को पुराणों से लिया गया बताते है तो दूसरी तरफ एक कुछ सियासी नेता इसके नाम को आबूराज तीर्थ करने की मांग कर रहे हैं, आइए जानते हैं कि आखिर इसे लेकर उठ रहा बवाल आखिर है क्या

नई दिल्ली: राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू की जनता गुस्से में हैं। इसकी वजह ये है कि राज्य के कुछ मंत्री इसके नाम को बदलने की मांग कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि 15 मई को राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा माउंट आबू आने वाले हैं लिहाजा माउंट आबू वासियों और होटल कारोबारियों ने उनके सामने नाम बदलने जाने को लेकर विरोध जताने का फैसला किया है । आबू विकास समिति ने माउंट आबू बंद रखकर उनका स्वागत करने का फैसला किया है।

Mount abu

माउंटआबू के नाम बदलने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

माउंटआबू वासियों का कहना है कि माउंटआबू में आबू नाम मां अर्बुदा के नाम से लिया गया है लिहाजा इसके नाम को बदलने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है । अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि माउंट आबू को लेकर माउंट आबू दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रुख क्या रहता है और क्या वो इस मसले पर चुप्पी तोड़ेंगे। एक बड़ा सवाल यह भी कि क्या माउंट आबू का नाम आबू राज रख देने से हासिल क्या होगा और लोगों को डर है कि कही इसका भारी नुकसान ना हो जाए और इस चक्कर में यहां का पर्यटन चौपट ना हो जाए।

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