Mission Gaganyaan के चारों एस्ट्रोनॉट्स से देश हुआ रूबरू, जानिए इस मिशन में क्या-क्या होगा, कैसी हैं चुनौतियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 27, 2024, 02:52 PM IST

गगनयान के तीन दिवसीय मिशन के लिए चालक दल के सदस्यों को 400 किमी. की कक्षा में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन के जरिए इन्हें भारतीय समुद्री जल में उन्हें सुरक्षित रूप से उतारना सबसे बड़ी चुनौती है।

Gaganyaan Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उन चार अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का खुलासा किया जिन्हें गगनयान मिशन के लिए चुना गया है। ये चारों अंतरिक्ष यात्री देश के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये चार अंतरिक्ष यात्री हैं - प्रशांत नायर, अंगद प्रताप, अजीत कृष्णन और शुभांशु शुक्ला। गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है जिसके लिए इसरो के कई केंद्रों पर व्यापक तैयारी चल रही है।

Gaganyaan Astronauts

मिशन गगनयान के जांबाज

एस्ट्रोनॉट्स को 400 किमी. की कक्षा में लॉन्च किया जाएगा

गगनयान के तीन दिवसीय मिशन के लिए चालक दल के सदस्यों को 400 किमी. की कक्षा में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन के जरिए इन्हें भारतीय समुद्री जल में उन्हें सुरक्षित रूप से उतारकर वापस पृथ्वी पर लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करने की योजना है। इसरो ने पहले मानवरहित गगनयान (जी1) मिशन के लिए पहचाने गए उड़ान इंजन के परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो अस्थायी रूप से 2024 की दूसरी तिमाही के लिए निर्धारित है। यह इंजन मानव-युक्त एलवीएम3 वाहन के ऊपरी चरण को शक्ति प्रदान करेगा और इसकी थ्रस्ट क्षमता 442.5 सेकंड के विशिष्ट आवेग के साथ 19 से 22 टन है।

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