दरकने लगा 'INDI' गठजोड़ का ताना-बाना, अपनी ही कहे पर नहीं टिक पा रहे सियासी सूरमा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Sep 28, 2023, 11:37 AM IST

INDI Alliance : इस 'INDI'गठबंधन में शामिल दलों के सुर भी मेल नहीं खा रहे हैं। हाल यह है कि विपक्ष के नेता अपनी कही हुई बात पर टिक नहीं पा रहे हैं। सबकी अपनी-अपनी डफली और अपना-अपना राग है। इंडी गठबंधन की कोर्डिनेशन कमेटी ने तय किया था कि भोपाल में विपक्ष की संयुक्त एवं बड़ी रैली होगी लेकिन यह रैली रद्द कर दी गई।

INDI Alliance : 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त देने के मकसद से बने 'INDI' गठबंधन में सबकुछ ठीक-ठीक नहीं चल रहा है। भाजपा की अगुवाई वाले NDA गठबंधन को सत्ता से दूर रखने के लिए बने विपक्षी गठबंधन में दरार चौड़ी होती जा रही है। विडंबना है कि भाजपा को चुनौती देने के लिए जिस विपक्षी एकता को पहली शर्त के रूप में देखा जा रहा है, वह हिचकोले खाने लगा है। विपक्षी एकता के लिए पहली बैठक गत जून में पटना में हुई थी इसके बाद बेंगलुरु और मुंबई में बैठकें हो चुकी हैं लेकिन समन्वय समिति की घोषणा करने के अलावा 'INDI' गठबंधन चुनावों के लिए कोई पहल नहीं कर पाया है। सबसे बड़ा मसला सीट शेयरिंग का है जिसके लिए कोई फॉर्मूला अभी निकलकर सामने सामने नहीं आया है।

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विपक्षी एकता की जमीन दरकने लगी है।

भोपाल की संयुक्त रैली हुई रद्द

इस 'INDI'गठबंधन में शामिल दलों के सुर भी मेल नहीं खा रहे हैं। हाल यह है कि विपक्ष के नेता अपनी कही हुई बात पर टिक नहीं पा रहे हैं। सबकी अपनी-अपनी डफली और अपना-अपना राग है। इंडी गठबंधन की कोर्डिनेशन कमेटी ने तय किया था कि भोपाल में विपक्ष की संयुक्त एवं बड़ी रैली होगी लेकिन यह रैली रद्द कर दी गई। कमेटी ने तय किया था कि जाति आधारित जनगणना के लिए वे सरकार पर दबाव बनाएंगे लेकिन इस पर भी उनमें एका नहीं हो पाया है। जातिगत जनगणना को लेकर विपक्ष में अंतर्विरोध उभरकर सामने आया है। इंडी गठबंधन के बीच ही लोग कह रहे हैं कि कमेटियों में जो फैसले लिए जा रहे हैं, उन पर अलग अलग दलों के अध्यक्ष वीटो लगा रहे हैं, जो फैसले हो रहे हैं उन पर अमल नहीं किया जा रहा, जब ऐसा हो रहा है फिर कमेटी का मतलब ही क्या है।

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