Times Now Navbharat
live-tv
Premium

बंगाल से कोयल मल्लिक, तो उत्तराखंड से दिनेश आर्य, राज्यसभा के लिए क्या है बीजेपी की रणनीति, टीएमसी क्यों हमलावर?

पश्चिम बंगाल की जिस सीट से कोयल मल्लिक को प्रत्याशी बनाया गया है, वह दरअसल उन्हीं के इस्तीफे से खाली हुई थी। अप्रैल 2026 में कोयल मल्लिक TMC के टिकट पर राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं।

Image
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के उम्मीदवार और रणनीति
Authored by: अमित कुमार मंडल
Updated Oct 5, 2026, 15:06 IST
Follow on Google News

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल से बंगाली सिनेमा की स्टार अभिनेत्री कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) और उत्तराखंड से वरिष्ठ सांगठनिक नेता दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों राज्यों सहित कुल 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी। यह फैसला केवल दो राज्यसभा सीटों को भरने भर का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे बीजेपी का मजबूत क्षेत्रीय और सोशल इंजीनियरिंग छिपा है। वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस फैसले के बाद बीजेपी और कोयल मल्लिक दोनों पर हमलावर हो गई है। समझते हैं सियासत का पूरा खेल।

पश्चिम बंगाल में 'सेलिब्रिटी कार्ड' और काउंटर-नैरेटिव

पश्चिम बंगाल की जिस सीट से कोयल मल्लिक को प्रत्याशी बनाया गया है, वह दरअसल उन्हीं के इस्तीफे से खाली हुई थी। अप्रैल 2026 में कोयल मल्लिक TMC के टिकट पर राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं। हालांकि, महज तीन महीने बाद (16 जुलाई 2026) उन्होंने सांसद पद और TMC दोनों से इस्तीफा दे दिया। तभी से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगने लगी थीं। बीजेपी ने अब उन्हें अपनी तरफ से मैदान में उतारकर बंगाल की राजनीति में संदेश दिया है कि तृणमूल के प्रमुख चेहरे अब उनके पाले में आ रहे हैं। कोयल मल्लिक बंगाली सिनेमा (टॉलीगंज) के दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं और राज्य में उनकी अपनी एक बड़ी लोकप्रियता है। विधानसभा में बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण कोयल की जीत पक्की मानी जा रही है, जिससे राज्यसभा में बीजेपी को बंगाल से एक और सीट का सीधा फायदा होगा।

बीजेपी की रणनीति और राजनीतिक मायने

सोमवार को औपचारिक रूप से बीजेपी का दामन थामने के बाद कोयल ने कहा, मैं सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं लोगों की सेवा करना और राज्य के विकास के लिए काम करना चाहती हूं। कोयल मल्लिक से पहले भी कई नेता TMC छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। बीजेपी ने उन्हें दोबारा उसी सीट से उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि तृणमूल के लोकप्रिय चेहरे अब उनके नेतृत्व और नीतियों में विश्वास जता रहे हैं। टॉलीगंज (बंगाली फिल्म इंडस्ट्री) के दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी होने के नाते कोयल मल्लिक का राज्य के शहरी और युवा मतदाताओं के बीच बड़ा प्रभाव है। बीजेपी उनके जरिए सांस्कृतिक और क्षेत्रीय जुड़ाव को मजबूत करना चाहती है। राज्य विधानसभा में संख्या बल के लिहाज से इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की जीत पूरी तरह से तय मानी जा रही है।

उत्तराखंड में दिनेश आर्य पर दांव

उत्तराखंड में नरेश बंसल (वैश्य/ब्राह्मण वर्ग) का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। उनकी जगह बीजेपी ने नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश आर्य को मौका दिया है। दिनेश आर्य उत्तराखंड बीजेपी के बड़े दलित चेहरों में से एक हैं। हाल ही में हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए थे। दिनेश आर्य को राज्यसभा भेजकर बीजेपी ने कांग्रेस के इस नैरेटिव की काट खोजी है। उत्तराखंड में बीजेपी से पहले ही कल्पना सैनी (OBC) और महेंद्र भट्ट (ब्राह्मण) राज्यसभा में हैं। अब दिनेश आर्य (दलित) को भेजकर पार्टी ने कुमाऊं क्षेत्र और दलित समुदाय दोनों को साधने का काम किया है। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा में बीजेपी के पास 47 विधायक हैं, इसलिए दिनेश आर्य की जीत भी तय है।

तृणमूल कांग्रेस क्यों है हमलावर?

भारतीय जनता पार्टी द्वारा पश्चिम बंगाल से आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कोयल मल्लिक पर 'विश्वासघात' करने का सीधा आरोप लगाया है। गौर करने वाली बात यह है कि कोयल मल्लिक इसी वर्ष तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा सांसद बनी थीं, लेकिन 16 जुलाई 2026 को उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। अब बीजेपी ने उन्हें उसी खाली सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

"ममता बनर्जी ने मौका दिया, अब पाला बदल लिया"

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कोयल मल्लिक और बीजेपी दोनों को आड़े हाथों लिया। कुणाल घोष ने कहा, "कोयल मल्लिक एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया था। जब तक ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब तक उन्हें टीएमसी पसंद थी। लेकिन जैसे ही स्थितियां बदलीं, उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। यह पूरी तरह से विश्वासघात है। टीएमसी नेता ने कहा कि पार्टी की सोच समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों को जनप्रतिनिधि बनाने की रही है, लेकिन कुछ व्यक्तियों के इस तरह के रवैये ने पार्टी को इस नीति पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है।

बीजेपी का बचाव, ना भ्रष्टाचार का आरोप, ना को गलत बयान

तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी ने कोयल मल्लिक के चयन का खुलकर समर्थन किया। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि कोयल मल्लिक के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी मामला या शिकायत दर्ज नहीं है। ऐसे में अगर बीजेपी उन्हें उम्मीदवार बनाती है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

End of Article