रामानंद सागर के पोते Shiv Sagar ने 'Ramayana' की कास्टिंग पर उठाए सवाल, Ranbir Kapoor के लिए कही ये बात

Shiv Sagar On Casting In Ramayana: टीवी सीरीज 'रामायण' के निर्माता रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' की कास्टिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Shiv Sagar On Casting In Ramayana: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' (Ramayana) ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर को भगवान राम की भूमिका देखा जाएगा जबकि सई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। हालांकि रणबीर की कास्टिंग को लेकर शुरुआत से ही दर्शकों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे थे। अब इस बहस में 1987 में आई आइकॉनिक टीवी सीरीज 'रामायण' के निर्माता रामानंद सागर के पोते शिव सागर का नाम भी जुड़ गया है। शिव सागर को लगता है कि फिल्म में भगवान राम के रोल के लिए रणबीर कपूर नहीं होने चाहिए थे। उनका कहना है कि 'एनिमल' देखने के बाद वह रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Nora Fatehi की बढ़ी मुश्किलें ,एयरलाइन कंपनी ने ठोका 3 करोड़ का मानहानि केस, जानें पूरा मामला)

Shiv Sagar On Ranbir Kapoor’s Casting In Ramayana

'रामायण' की कास्टिंग पर शिव सागर ने दिया रिएक्शन (Credit: Instagram)

रणबीर की कास्टिंग शिव सागर ने उठाए सवाल

हाल ही में न्यूज एजेंसी से बात करते हुए शिव सागर ने 'रामायण' की कास्टिंग को लेकर अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म की बाकी कास्टिंग काफी पसंद आई है लेकिन रणबीर कपूर को राम के रोल में देखकर उन्हें सही लग रहा है। शिव सागर के मुताबिक 'एनिमल' में रणबीर का किरदार देखने के बाद उन्हें भगवान राम की भूमिका में स्वीकार करना मुश्किल है। उनका मानना है कि राम जैसे किरदार के लिए मेकर्स को किसी नए और फ्रेश चेहरे को मौका देना चाहिए था।

शिव सागर ने आगे कहा कि उन्हें रणबीर कपूर से पर्सनल तौर पर कोई प्रॉब्लम नहीं है। रणबीर कपूर अच्छे एक्टर हैं लेकिन भगवान राम की भूमिका के लिए उनका चेहरा परफेक्ट नहीं है। शिव सागर ने कहा, 'रणबीर कपूर एक बड़े स्टार हैं और उनकी लोकप्रियता फिल्म की मार्केटिंग में निश्चित रूप से मदद करती है। शायद इसी वजह से मेकर्स ने रणबीर को भगवान राम के रोल के लिए चुना है। भगवान राम जैसे पूजनीय किरदार के लिए किसी नए चेहरे को कास्ट करना बेहतर ऑप्शन हो सकता था। किसी कलाकार की पिछली फिल्मों के रोल्स अक्सर लोगों के दिमाग में छाए रहते हैं, तो ऐसे में उन्हें ऐसे धार्मिक किरदार में देखना किसी के लिए मुश्किल हो सकता है।' (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Rajesh Sharma ने किया बड़ा खुलासा, 'Fauzi' के सेट पर कीड़े के काटने से नहीं बिगड़ी थी तबीयत)

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