चुनाव में जब खर्च करने के बाद भी हार गए थे SP Singh Baghel: बोले- छह बार नहीं खर्ची चवन्नी, फिर भी हासिल की जीत

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 9, 2023, 07:37 AM IST

उन्होंने जानकारी दी कि वह पहली दफा साल 1998 में जब सांसद बने थे, तब 12 लाख रुपए का खर्च (चुनाव के दौरान) हुआ था। दूसरी बार जब वह जीते थे, तब यह चुनावी खर्च बढ़कर 14 लाख हो गया था और तीसरी बार 2004 में 16 रुपए के आसपास पहुंच गया था।

चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक पार्टियां जहां अपनी एड़ी-चोटी के जोर के साथ करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा देती हैं, वहीं केंद्रीय राज्य कानून और न्याय मंत्री एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) का मानना है कि मीडिया (कथित प्रबंधन) पर या फिर अन्य चीजों पर पैसे खर्च कर के आप चुनावी जीत हासिल नहीं कर सकते हैं। उल्टा उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक बार पैसे खर्च करने पर वह हार गए थे, जबकि छह बार एक भी रुपया न खर्च करने के बाद उन्हें विजय प्राप्त हुई।

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केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल। (फोटोः @spsinghbaghelpr)

अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' में 'डेल्ही कॉन्फिडेंशियल' कॉलम में मंगलवार (9 मई, 2023) को इस बारे में बताया गया। बघेल के हवाले से आगे कहा गया, "मैंने जो छह चुनाव जीते थे, उनमें से किसी पर भी मैंने एक रुपया खर्च नहीं किया था। एक मौके पर जब मैंने कुछ रकम खर्च भी की थी, उसमें मुझे समाजवादी पार्टी (SP) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से हार मिली थी।" यह मात उन्हें उत्तर प्रदेश (UP) के विधानसभा चुनाव में करहल (Karhal) सीट पर मिली थी।

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