Ujjain South MP (Madhya Pradesh) Chunav Election Result 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बाबा महाकाल की नगरी की उज्जैन दक्षिण विधानसभा (217) सीट पर 20 साल से भारतीय जनता पार्टी का राज है। इस विधानसभा चुनाव के पहले रुझान आने लगे हैं और उज्जैन में उत्तर और दक्षिण दोनों संभागों में कांग्रेस आगे चल रही है। यहां कांग्रेस की प्रीति भार्गव ने 1998 में आखिरी बार विधायक पद का चुनाव जीता था। भाजपा की ओर से इस बार उज्जैन दक्षिण के प्रत्याशी डॉक्टर मोहन यादव हैं, वहीं कांग्रेस ने इस सीट के लिए चेतन प्रेमनारायण यादव को टिकट दिया है। मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है जहां दिग्गज नेताओं की किस्मत 17 नवंबर 2023 को जनता ने ईवीएम मशीन में लॉक कर दी थी।
| क्रमांक | उम्मीदवार | पार्टी | मत | परिणाम |
| 1. | डॉक्टर मोहन यादव | बीजेपी | 95699 | 12941 वोट से आगे |
| 2. | चेतन प्रेमनारायण यादव | कांग्रेस | 82758 | 12941वोट से पीछे |
| 3. | प्रकाश नरवरिया | बसपा | 1419 | 94280 वोट से पीछे |
बागी फैक्टर कांग्रेस पर हावी!
पिछले विधानसभा चुनाव में जहां बागियों के चलते कांग्रेस को अच्छा-खासा नुकसान हुआ था, वहीं इस बार भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है। इसका सीधा फायदा भाजपा को होता नजर आ रहा है जो लंबे समय से इस सीट पर जीत दर्ज करती आ रही है। 17 नवंबर को इन दोनों बड़े दलों के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला कर दिया है। बता दें कि उज्जैन दक्षिण में 31 जुलाई 2023 तक मतदाताओं की संख्या कुल 2,51,747 है जिनमें से करीब 1.27 लाख पुरुष और 1.25 लाख महिला वोटर हैं।
काफी बड़ी विधानसभा है
उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र काफी बड़ा और फैला हुआ है और यहां शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण वोटर्स का फैक्टर भी हावी होता है। इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 84 गांव शामिल हैं, मुख्य रूप से मक्सी रोड, देवास रोड, इंदौर रोड, बड़नगर रोड, फ्रीगंज पुल और चिंतामन रोड शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी ने तीसरी बार डॉक्टर मोहन यादव पर भरोसा जताया है और माना जा रहा है कि इस बार भी इनकी जीत पक्की है। हालांकि चुनाव में जनता का मत परिणाम के रूप में किस करवट बैठता है ये तो समय ही बताएगा।
इसी क्षेत्र में बाबा महाकाल मंदिर
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में उज्जैन दक्षिण सीट इसीलिए भी हॉटसीट है क्योंकि इसी क्षेत्र में बाबा महाकाल का मंदिर आता है। ये एक धार्मिक नगरी है जहां के वोटर्स की भावना भी इसी से जुड़ी हुई है। जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो इस विधानसभा क्षेत्र में बेरवा, सिंधी, राजपूत और ब्राम्हण वोटर्स की संख्या अधिक है। 20 साल यानी पिछले 5 विधानसभा चुनावों में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है, तो क्या इस बार कांग्रेस इस भारतीय जनता पार्टी की लहर को खत्म करने में सफल होगी या नहीं, इसकी तमाम जानकारी हम यहां आपको दे रहे हैं।
