महाराष्ट्र: MVA में बढ़ी तकरार, उद्धव ठाकरे के उम्मीदवारों की सूची से छिड़ा संग्राम, कांग्रेस लगा रही गुहार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 28, 2024, 07:31 AM IST

शिव सेना (यूबीटी) ने उन सभी पांच सांसदों को फिर से टिकट दिया है जो 2022 में पार्टी के विभाजन के समय ठाकरे के साथ खड़े थे और आठ नए चेहरों को मैदान में उतारा है।

Rift in MVA: महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन के खिलाफ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की लड़ाई कमजोर पड़ती दिख रही है। यहां टिकट बंटवारे का मुद्दा अब तक नहीं सुलझ सका है और उद्धव ठाकरे के नए कदम से एमवीए में नया संग्राम छिड़ गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यहां कांग्रेस का क्या होगा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को 17 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित की, जिससे एमवीए में बेचैनी फैल गई। सहयोगी कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों पर दोबारा विचार करने को कहा क्योंकि बातचीत अभी भी जारी है।

Maharashtra MVA

महाराष्ट्र में छिड़ा संग्राम

पांच सांसदों को दोबारा टिकट

शिव सेना (यूबीटी) ने उन सभी पांच सांसदों को फिर से टिकट दिया है जो 2022 में पार्टी के विभाजन के समय ठाकरे के साथ खड़े थे और आठ नए चेहरों को मैदान में उतारा है। चार पूर्व सांसद भी सेना (यूबीटी) के टिकट पर लड़ेंगे। वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 22 पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बाकी नामों की घोषणा एक दो दिनों में की जाएगी। लेकिन कांग्रेस के गढ़ सांगली, मुंबई उत्तर पश्चिम और मुंबई दक्षिण मध्य से शिव सेना (यूबीटी) उम्मीदवारों की घोषणा ने एमवीए के भीतर पहले से ही बढ़ते तनाव को सामने ला दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने जताई नाराजगी

वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट और मुंबई इकाई प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई है। साथ ही कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की। दूसरी ओर, मुंबई उत्तर पश्चिम सीट पर नजर गड़ाए कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने पार्टी नेतृत्व को धमकी दी और कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। निरुपम ने कहा, मैं फैसले का इंतजार कर रहा हूं, जिसके बाद मैं सभी विकल्पों के लिए खुला हूं।

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