Jayant Chaudhary RLD BJP Alliance in Election 2024 : लोकसभा चुनाव से पहले देश भर में राजनीतिक समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। NDA गठबंधन जहां मजबूत हो रहा है तो 'INDI' ब्लॉक को झटके पर झटका लग रहा है। रिपोर्टों की मानें तो बंगाल और बिहार के बाद 'INDI'ब्लॉक को अगला झटका उत्तर प्रदेश में लगने जा रहा है। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) 'INDI' अलायंस को छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो सकता है। भाजपा के साथ जयंत चौधरी की डील लगभग पक्की हो गई है और इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है।
एनडीए के साथ आ सकते हैं जयंत चौधरी।
BJP-RLD में समझौता लगभग तय
सूत्रों की मानें तो भाजपा से रालोद प्रमुख जयंत चौधरी की डील पक्की हो गई है। इसकी घोषणा राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के यूपी में दाखिल होने पर की जा सकती है। जाहिर है कि रालोद के एनडीए में आने से इस गठबंधन को मजबूती मिलेगी तो वहीं 'इंडी' ब्लॉक के लिए यह एक बड़ा झटका होगा। रिपोर्टों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के भाजपा के एक नेता के हवाले से कहा गया है कि 'दोनों पार्टियों के बीच समझौता लगभग हो गया है। राहुल गांधी की 'भारत जोड़ा न्याय यात्रा' के उत्तर प्रदेश में आने के वक्त इसे बारे में औपचारिक घोषणा की हो सकती है।'
अब RLD जयंत चौधरी से मिलेगा झटका!(Jayant Chaudhary Left Congress)
राहुल गांधी की यह यात्रा शुरू होने के साथ ही नेताओं एवं पार्टियों का 'INDI' गठबंधन छोड़कर जाने का सिलसिला जारी है। जिस दिन कांग्रेस सांसद की यह यात्रा मणिपुर से शुरू हुई, उसी दिन मुंबई में कांग्रेस के कद्दावर नेता मिलिंद देवड़ा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। बंगाल में ममता बनर्जी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया। बिहार में नीतीश कुमार 'इंडी' ब्लॉक से निकलर भाजपा के साथ आ गए। अब उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी से इस गठबंधन को झटका मिलने जा रहा है।
पश्चिमी यूपी की 14 सीटों पर जाट वोटरों का दबदबा
पश्चिमी यूपी में रालोद का जाट समुदाय में अच्छी पकड़ है। मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद सहित कई सीटों पर जाट मतदाता हार-जीत में बड़ी भूमिका निभाते हैं। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में रालोद और भाजपा मिलकर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में रालोद पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल हुई थी। हालांकि, भाजपा से अलग होने पर रालोद कमजोर हुई। अभी उसके पास एक भी सांसद नहीं है। मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल में लोकसभा की 14 सीटें हैं और इन सभी सीटों पर जाट मतदाता नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई जयंत चौधरी RLD
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा यहां की सात सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। अन्य सीटों पर सपा-बसपा की जीत हुई। जानकार मानते हैं कि भाजपा और रालोद के एक साथ आने पर दोनों का फायदा होगा। भाजपा की सीटें बढ़ सकती हैं और रालोद भी सीटें जीत सकती है। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन में रालोद भी शामिल था और इसने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन खाता नहीं खुल पाया। सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस बार रालोद को बागपत, कैराना, मथुरा और अमरोहा की चार सीटें देने के लिए तैयार है। हालांकि, भाजपा की इस पेशकश अभी जयंत चौधरी ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है। अखिलेश यादव उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
