बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए विभिन्न एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं। एग्जिट पोल के अनुसार बिहार में एनडीए की सरकार दिख रही है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राजग में जनता दल-यूनाइटेड (जदयू), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तान अवामी मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) शामिल हैं। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान ही है, बिहार चुनाव का फाइनल रिजल्ट 14 नवंबर को आएगा। पिछले कुछ एग्जिट पोल गलत भी साबित हुए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं
बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद आए लगभग सभी एग्जिट पोल में संभावना जताई गई है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन प्रचंड बहुमत के साथ एक बार फिर सरकार बना सकता है। यदि असल नतीजे भी चुनाव बाद आए इन सर्वेक्षणों के आंकड़ों की तरह रहते हैं तो एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, वाम दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के ‘महागठबंधन’ के लिए सत्ता दूर की कौड़ी साबित होगी।
वहीं इसे लेकर अन्य पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि 'सारे एग्जिट पोल्स प्रायोजित हैं । लोक सभा चुनाव के समय ये यू पी में समाजवादी पार्टी को एक सीट दे रहे थे और सपा जीती 37 सीटें । बिहार के एग्जिट पोल्स अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर बेईमानी कराने की नीयत से निकाले गए हैं ।महागठबंधन के नेता कार्यकर्ता डेमोरलाइज़ न हों । तेजश्वी ही मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं । ईवीएम की निगरानी करें और काउंटिंग में अत्यधिक सावधान रहें । वोट चोरी न होने दें ।'
वहीं बिहार चुनाव पर भागलपुर से कांग्रेस विधायक और उम्मीदवार अजीत शर्मा ने कहा, "आज मतदान समाप्त हो गया है। जब तक मतगणना पूरी नहीं हो जाती, कौन कह सकता है कि कौन जीतेगा?... मैं भागलपुर से चुनाव लड़ रहा हूँ। क्या मुझे पहले ही कह देना चाहिए कि मैं जीत रहा हूँ? सर्वेक्षण पूरी तरह से गलत है..."
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं, "एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित हुए हैं और आगे भी गलत साबित होंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि 14 नवंबर को महागठबंधन और तेजस्वी यादव भारी मतों से जीतेंगे... बिहार की जनता ने एनडीए सरकार के खिलाफ वोट दिया है और तेजस्वी सरकार बनाने वालों को वोट दिया है. एग्जिट पोल देखने के बाद भ्रम की स्थिति बनी हुई है. सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं. बिहार में महागठबंधन और तेजस्वी यादव की सरकार बनना तय है..."
बिहार में मंगलवार को 122 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 68.79 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने यह जानकारी दी।गुंजियाल ने बताया कि पहले चरण का मतदान छह नवंबर को हुआ था और उसमें 65.08 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 66.90 (अस्थायी) रहा, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है।
गुंजियाल ने कहा, ‘‘दोनों चरणों में कुल 2,616 उम्मीदवार मैदान में हैं और 7.45 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।’’उन्होंने बताया कि मतदान प्रतिशत और बढ़ सकता है क्योंकि कुल 45,399 मतदान केंद्रों में से लगभग 2,000 केंद्रों का आंकड़ा अभी चुनाव आयोग के पास नहीं पहुंचा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘‘ 68.79 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है, हालांकि यह आंकड़ा अस्थायी है।’’उन्होंने बताया कि दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। इस चरण में कुल 3.70 करोड़ मतदाता 1,302 प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे। गुंजियाल ने बताया कि कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
