Mahasamund Lok Sabha Constituency: छत्तीसगढ़ का महासमुंद लोकसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन पिछले दो चुनाव से बीजेपी ने इसे अपना नया गढ़ बना लिया है। कांग्रेस अपने दबदबे को वापस पाने के लिए इस बार पूरा जोर लगा रही है, अपने बड़े दिग्गज ताम्रध्वज साहू को मैदान में उतार रखी है। इसके बाद भी यह सीट कांग्रेस के लिए फंसती दिख रही है।
महासमुंद लोकसभा सीट का समीकरण
विधानसभा का समीकरण
छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक महासमुंद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एक सामान्य श्रेणी की सीट है, जो धमतरी जिले के कुछ हिस्सों के साथ-साथ गरियाबंद और महासमुंद जिलों के पूरे क्षेत्र को कवर करती है। महासमुंद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में वर्तमान में आठ विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जिसमें महासमुंद जिले में सरायपाली (एससी), बसना, खल्लारी और महासमुंद; गरियाबंद जिले में राजिम और बिंद्रानवागढ़ (एसटी); और धमतरी जिले में कुरुद और धमतरी। जिसमें से 4 पर कांग्रेस और 4 पर बीजेपी का कब्जा है। मतलब विधानसभा के हिसाब से टक्कर का मुकाबला दिख रहा है। महासमुंद लोकसभा चुनाव के लिए मतदान दूसरे चरण के मतदान में 26 अप्रैल को हुआ था।
बीजेपी ने बदल दिया है उम्मीदवार
इस बार बीजेपी ने अपना कैंडिडेट चेंज कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी इस बार महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र से रूप कुमारी चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने एंटी इनकंबेंसी के डर से अपने वर्तमान सांसद चुन्नी लाल साहू का टिकट काट दिया है। वहीं कांग्रेस ने महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र से ताम्रध्वज साहू को अपना उम्मीदवार बनाया है। जो कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाते हैं।
कभी कांग्रेस का था गढ़
कांग्रेस अब तक हुए चुनावों में 18 में से 12 बार इस सीट पर जीत हासिल कर चुकी है। दिग्गज कांग्रेस नेता विद्या चरण शुक्ला सात बार यहां से लोकसभा पहुंचे थे। यहां से श्यामा चरण शुक्ल और अजीत जोगी भी जीत चुके हैं। 1998 में बीजेपी यहां से पहली बार जीती, इसके बाद कांग्रेस ने फिर 1999 इस सीट पर वापसी की और 2004 तक कब्जा बना रखा। लेकिन इसके बाद 2009 से बीजेपी का इस सीट पर दबदबा बना हुआ है।
2019 का परिणाम
2019 के लोकसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। 2019 में महासमुंद लोकसभा सीट के लिए विजयी उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुन्नी लाल साहू थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के धनेंद्र साहू पर जीत हासिल की था।
