Karnataka Elections 2023: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कर्नाटक के संदर्भ में ‘संप्रभुता’ शब्द का इस्तेमाल करने करने के लिए कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग (ईसी) का रुख किया है। सोमवार (आठ मई, 2023) को इस मसले को लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल ईसी से मिलने पहुंचा।
कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी की पूर्व अंतरिम चीफ सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी। (फोटो सोर्सः @INCIndia)
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया- हम लोग ईसी अफसरों से मिले। उन्होंने (कांग्रेस की पूर्व अंतरिम चीफ सोनिया गांधी) ने जानबूझकर संप्रभुता (Sovereignty) शब्द का इस्तेमाल किया। कांग्रेस का मैनिफेस्टो ही टुकड़े-टुकड़े गैंग ('Tukde-Tukde' Gang) का एजेंडा है। यही वजह है कि वे लोग ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ईसी इस मामले में एंटी-नेशनल एक्ट के तहत एक्शन लेगा।
इस बीच, बीजेपी नेता तरुण चुघ ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "हम कर्नाटक के लिए 'संप्रभुता' शब्द का इस्तेमाल करने के लिए सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग करते हैं। हमने चुनाव आयोग से उनके और कांग्रेस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आग्रह किया है।"
दरअसल, सोनिया ने अपने इस बयान में कहा था कि कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की ‘प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता’ के लिए खतरा पैदा नहीं करने देगी। शनिवार (छह मई, 2023) को कांग्रेस ने कर्नाटक के हुबली में चुनावी रैली में गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए ट्वीट में कहा था कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने ‘‘6.5 करोड़ कन्नड़ लोगों को एक कड़ा संदेश दिया’’।
पार्टी ने उनकी तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह जनसभा को संबोधित करते दिखीं। ट्वीट में लिखा गया था, ‘‘कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा पैदा नहीं करने देगी।’’
पूरे मसले को लेकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति की संयोजक शोभा करंदलाजे ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने इस बयान को ‘‘चौंकाने वाला और अस्वीकार्य’’ बताते हुए कहा कि सोनिया ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। साथ ही ‘ऐसा बयान’ देने के लिए गांधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कर्नाटक में विस चुनाव से पहले अपनी अंतिम प्रचार रैली में रविवार को सोनिया गांधी के इसी बयान के मद्देनजर आरोप लगाया था कि कांग्रेस कर्नाटक को भारत से ‘‘अलग करने’’ की खुलकर वकालत कर रही है। चुनावी समर के बीच इस पूरे सियासी घटनाक्रम को विश्लेषक और पॉलिटिकल पंडित अलग तरीके से देखते हैं।
ऐसा कई लोगों का मानना है कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद बीजेपी कांग्रेस को बेजान करना चाहती है। हालांकि, कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर पिछले कुछ सालों से नॉर्थ इंडिया में मजबूत जनाधार नहीं रहा है, मगर भगवा पार्टी फिर भी किसी सूरत में रिस्क लेकर कांग्रेस को नहीं छोड़ना चाहती है। (PTI-ANI इनपुट्स के साथ)
