Imamganj Assembly Constituency (इमामगंज विधानसभा सीट): इमामगंज विधानसभा सीट गयाजी जिले में आती है और औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। लंबे समय तक यह सीट उदय नारायण चौधरी के प्रभाव का केंद्र मानी जाती थी। यहां से पांच बार वे विधायक रहे हैं। लेकिन बाद में यह सीट बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और उनके परिवार का मजबूत गढ़ बन गई। इस सीट से जीतन राम मांझी दो बार विधायक रह चुके हैं। 2024 में हुए उपचुनाव में भी यह सीट मांझी परिवार के खाते में ही गई। जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी यहां की वर्तमान विधायक हैं।
इमामगंज विधानसभा सीट
कब बनी इमामगंज विधानसभा सीट
इमामगंज विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था। साल 1967 में इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। अभी तक इस सीट पर 17 बार चुनाव हो चुके हैं। लेकिन यहां से कांग्रेस को पहली बार चुनाव जीतने में 10 साल लगे थे। यहां पर कांग्रेस का पहला विधायक साल 1967 में चुना गया। कांग्रेस ने इस सीट से 5 बार जीत हासिल की। वहीं जेडीयू के खाते में भी यह सीट 5 बार आई। मांझी ने जब जेडीयू से अलग होकर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) पार्टी बनाई, उसके बाद उन्होंने लगातार तीन यहां से जीत दर्ज की। 2024 के उपचुनाव में जनसुराज पार्टी को भी काफी वोट हासिल हुए थे। ऐसे में इस बार यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
उम्मीदवारों के नाम
- ऋतु प्रिया चौधरी-RJD
- डॉ. अजीत कुमार-JSP
- दीपा मांझी-HAM
क्या है इमामगंज विधानसभा क्षेत्र जातीय समीकरण
इमामगंज विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। यहां पर अनुसूचित जाति के मतदाता 38.11 फीसदी हैं। वहीं मुस्लिम समुदाय के वोटर्स 14.9 प्रतिशत हैं। एससी सुरक्षित सीट होने के चलते यहां पर दलित वोटर और मांझी जाति के लोग निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा कोइरी समुदाय के लोगों की भूमिका भी अहम है। इमामगंज में यादव और राजपूत समुदाय के लोगों की संख्या भी ठीक-ठाक है।
इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
2020 में हुए बिहार चुनाव में इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,95,866 थी। जिनमें 58.89 फीसदी मतदाताओं ने वोटिंग की। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 3,10285 हो गई।
