Longest Winning Candidate Name: हरनौत विधानसभा से वर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह ने लगातार दसवीं बार जीत दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। जदयू के 79 वर्षीय हरिनारायण सिंह ने अब तक किसी अन्य विधायक के लिए असंभव माना जाने वाला 10 बार का विजय रथ पूरा किया। कुल 106954 वोटों से इन्होंने इस बार जीत का परचम लहराया है। यह बिहार के सबसे सबसे उम्रदराज व सबसे ज्यादा बार विधायक बनने वाले नेता हैं। इससे पहले इन्होंने 9 बार चुनाव जीतने का गौरव हासिल किया था, और इस बार भी जदयू ने इन्हें हरनौत से उम्मीदवार बनाया।
कौन हैं सबसे उम्रदराज व सबसे ज्यादा बार जीतने वाले विधायक?
हालांकि, इनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए फिर से चुनाव लड़ने पर संशय था। इसके साथ ही, लगातार आठ बार जीत हासिल करने वाले दो अन्य मौजूदा विधायक अब “क्लब 9” में शामिल हो गए हैं। भाजपा के प्रेम कुमार और जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव अब उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने नौ बार चुनाव जीतकर अपनी पहचान बनाई है। बिहार में अब तक किसी ने 10 बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नहीं बनाया था। इससे पहले यह रिकार्ड तीन नेताओं के पास था: सदानंद सिंह, रमई राम और हरिनारायण सिंह। चूंकि सदानंद सिंह और रमई राम का निधन हो चुका है, इसलिए ऐसा माना जा रहा था कि हरिनारायण सिंह दसवीं बार जीतकर यह रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।
हरिनारायण सिंह का रिकॉर्ड क्या है?
हरिनारायण सिंह ने 2025 से पहले 1977, 1983, 1990, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर), 2010, 2015 और 2020 में विधानसभा चुनाव जीतकर लगातार सफलता हासिल की। इसी तरह, सदानंद सिंह ने पहली बार 1969 में कहलगांव से जीत दर्ज की और इसके बाद 1972, 1977, 1980, 1985, 2000, 2005 (फरवरी), 2010 और 2015 में भी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। वहीं, रमई राम ने 1972 में बोचहां से पहला चुनाव जीतने के बाद 1980, 1985, 1990, 1995, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर) और 2010 में विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
इन नेताओं ने भी रचा इतिहास
सुपौल से जदयू के उम्मीदवार और ऊर्जा तथा योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार अब उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने नौ बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया। पहले ये दोनों आठ बार जीत चुके थे और इस बार भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। बिजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल से लगातार जीत हासिल कर रहे हैं, जबकि प्रेम कुमार 1990 से गया से लगातार विजयी रहे हैं। दोनों नेताओं ने 1990, 1995, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर), 2010, 2015 और 2020 में विधानसभा चुनाव जीत दर्ज किए।
