NEET UG Result 2026: तीसरी क्लास में पढ़ने वाला एक छात्र, उम्र रही होगी 7-8 साल के आसपास लेकिन उसने एक लक्ष्य बनाया जो उसकी उम्र और सोच दोनों से बहुत बड़ा था। लुधियाना के आर्यन गुप्ता की कहानी मेहनत, जुनून और एक निजी दर्द से निकले बड़े लक्ष्य की कहानी है और इसी मेहनत के बल पर उन्होंने NEET UG 2026 में 715 अंक हासिल कर देश में टॉप किया है। आर्यन का सपना बचपन से ही डॉक्टर बनने का था, लेकिन कक्षा 3 में कैंसर के चलते अपनी दादी को खोने के बाद उन्होंने ठान लिया कि वह आगे चलकर ऑन्कोलॉजिस्ट बनेंगे और कैंसर के इलाज के क्षेत्र में काम करेंगे। आर्यन ने अपने सपने को पूरा करने के लिए रोजाना 16 से 17 घंटे तक पढ़ाई की।
जानिए डॉक्टर बनने के बाद की पूरी राह
NEET UG में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों का सपना डॉक्टर बनने के बाद किसी खास मेडिकल ब्रांच में स्पेशलाइजेशन करने का होता है। कोई कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहता है, कोई न्यूरोसर्जन, तो कोई कैंसर मरीजों का इलाज करने वाला ऑन्कोलॉजिस्ट। लेकिन क्या आपको पता है कि ऑन्कोलॉजिस्ट कौन होते हैं और MBBS में ही किसी छात्र की ब्रांच तय हो जाती है? इसका जवाब है- नहीं।
ऑन्कोलॉजिस्ट कौन होते हैं
ऑन्कोलॉजिस्ट वे डॉक्टर होते हैं, जिन्हें कैंसर की पहचान, जांच और इलाज में विशेष प्रशिक्षण मिला होता है। ऑन्कोलॉजी कैंसर के निदान और उपचार से जुड़ी मेडिकल फील्ड है। इसमें मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जैसी अलग-अलग विशेषज्ञताएं शामिल होती हैं। सरल भाषा में समझें तो मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट दवाओं के जरिए कैंसर का इलाज करते हैं। इसमें कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और कुछ अन्य मेडिकल ट्रीटमेंट शामिल हो सकते हैं।
ब्रांच कैसे तय होती है
MBBS कोर्स पूरा करने के बाद स्पेशलाइजेशन का रास्ता शुरू होता है। छात्र NEET PG या संबंधित मेडिकल पोस्टग्रेजुएट प्रवेश प्रक्रिया के जरिए MD, MS या अन्य पोस्टग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश लेते हैं। इसी चरण में छात्र मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की दिशा चुनते हैं।
कौन हैं टॉपर आर्यन गुप्ता
लुधियाना के रहने वाले आर्यन डॉक्टर परिवार से आते हैं, उनके पिता सचिन गुप्ता और मां रेनू गुप्ता भी डॉक्टर हैं। आर्यन के बड़े भाई ने NEET 2025 में ऑल इंडिया रैंक 54वीं हासिल की थी। आज 715 अंकों के साथ देश के संयुक्त टॉपर बने आर्यन को कि अपनी सफलता सपने जैसी लग रही है। आर्यन जैसी प्रतिभाओं के लिए ही शायद किसी ने लिखा है- सपने उन्हीं के सच होते हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।
