UP TGT Recruitment 2026: यूपी में टीजीटी भर्ती यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भर्ती के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब प्रदेश के प्राइवेट एडेड कॉलेजों में टीजीटी के पदों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को इस फैसले के बारे में जानकारी दे दी है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के 4 हजार 512 सहायता प्राप्त विद्यालयों में टीजीटी के 17,740 पदों पर प्रस्तावित भर्ती पर पड़ेगा। टीजीटी भर्ती के नियमों में इस बदलाव से उन उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है, जो पुराने नियम और पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस आदेश के बाद इस भर्ती का पूरा समीकरण ही बदल गया है।
यूपी TGT भर्ती के लिए TET पास होना जरूरी
आसान भाषा में समझें तो उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने टीजीटी भर्ती के लिए योग्यता और अर्हता दोनों बदल दी हैं। सरकार ने टीजीटी भर्ती में पहली बार टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी टीईटी को अनिवार्य करने का फैसला किया है। नए नियम के अनुसार, टीईटी पास किए बिना किसी भी अभ्यर्थी को इन पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाएगी। लेकिन राहत की बात यह है कि अभ्यर्थियों को टीईटी पास करने के लिए 30 जून 2027 तक का समय मिलेगा। सरकार विधानसभा चुनाव से पहले टीजीटी के 17,740 पदों का विज्ञापन जारी करना चाहती है, इसलिए टीईटी पास करने की समयसीमा 30 जून 2027 रखी गई है। नियमावली में संशोधन और टीईटी कराने में करीब तीन महीने लगने के कारण यह राहत दी जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने टीजीटी भर्ती के लिए योग्यता भी बदल दी है। इसके तहत अब अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। इसके अलावा, संबंधित विषय में 45 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की योग्यता का विकल्प भी दिया गया है। साथ ही बीएड की योग्यता और उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ तक का टीईटी सर्टिफिकेट जरूरी होगा। इसका मतलब है कि टीजीटी भर्ती के लिए अब या तो ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत या पोस्ट ग्रेजुएशन में 45 प्रतिशत अंकों के साथ बीएड की डिग्री और टीईटी सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
इससे पहले टीजीटी भर्ती के लिए केवल संबंधित विषय में ग्रेजुएशन और बीएड की डिग्री होना ही अनिवार्य योग्यता थी। पुराने नियमों में टीईटी पास करना भी जरूरी नहीं था, लेकिन अब इस भर्ती का पूरा स्वरूप बदल दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कन्नौजिया की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
