IAS Sriram Venkitraman: यूपीएससी एक ऐसा सपना है जिसे पूरा करने के लिए लोग कभी अपनी ज़मीन बेच देते हैं तो कभी लाखों की नौकरी तक छोड़ देते हैं। अथक प्रयासों और असफलताओं के बावजूद भी मन में आईएएस बनने की चाह रह जाती है। क्या हो अगर यूपीएससी टॉपर होने के बावजूद भी आपका डीएम बनने का सपना अधूरा रह जाए। कुछ ऐसा ही हुआ 2012 बैच के आईएएस श्रीराम वेंकटरमण के साथ, जिन्हें 24 जुलाई 2022 को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नियुक्त तो किया गया लेकिन 1 अगस्त को ही इस पद से हटा भी दिया गया।
श्रीराम वेंकटरमण साल 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमण पर आरोप है कि नशे में गाड़ी चलाते हुए उन्होंने मलयालम अखबार सिराज के पत्रकार केएम बशीर को टक्कर मार दी थी, जिससे पत्रकार की मौत हो गई थी। 3 अगस्त 2019 को हुई इस घटना में श्री राम को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसी वजह से डीएम के पद पर तैनाती होते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और आखिर में केरल सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया।
24 जुलाई को नियुक्त किए गए डीएम
साल 2013 मे श्रीराम की केरल में पोस्टिंग हुई थी। उन्हें 2015 में उपभोक्ता मामले मे ‘ खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में सहायक सचिव’ और ‘खाद्य और सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता मामले’ के रूप में नियुक्त किया गया था। फिर 24 जुलाई 2022 को श्री राम को अलपुझा डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर नियुक्त किया गया और उन्होंने 26 जुलाई को जॉइन भी कर लिया था।
यूपीएससी के दूसरे टॉपर
ग्रेजुएशन के बाद श्री राम के एक दोस्त ने उन्हें यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी थी। काफी सोच-विचार के बाद श्री राम ने अपने दोस्त की सलाह पर अमल किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लग गए। अपनी कठिन परिश्रम और लगन से उन्होंने यूपीएससी के दूसरे प्रयास में न केवल देश की सबसे कठिन परीक्षा पास की बल्कि दूसरी रैंक के साथ टॉप भी किया। श्रीराम वेंकटरमण को पढ़ाई के अलावा फिल्म, फोटोग्राफी, क्रिकेट, बास्केटबॉल और घूमने का काफी शौक है।
