महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुंबई पुलिस ने मार्च में आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में MPSC के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
MPSC परीक्षा में पेपर लीक पर सख्त हुए फडणवीस
फडणवीस ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार करने के लिए राज्य सरकार MPSC को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया पर पूरा भरोसा होना चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।
परीक्षा में सुधार के लिए एक कमेटी का गठन
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने सुधारों का सुझाव देने के लिए एक कमेटी बनाई है और MPSC से भी अंदरूनी सुधार करने को कहा है। उन्होंने कहा, भविष्य की सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। MPSC को जो भी मदद चाहिए, राज्य सरकार वह देगी। उन्होंने कहा कि यह कमेटी अलग-अलग डिवीजन का दौरा करेगी और छात्रों, शिक्षकों और दूसरे संबंधित लोगों से बातचीत करके भविष्य की परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए एक "पक्का" सिस्टम तैयार करेगी।
इस मुद्दे का न करें राजनीतिकरण
उन्होंने यह बयान मुंबई पुलिस द्वारा इस साल मार्च में हुई ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में MPSC के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच कर रही पुलिस को पता चला कि लीक हुआ प्रश्न पत्र कुछ लोगों तक पहुंच गया था। फडणवीस ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिशों की भी आलोचना की।
मराठा समुदाय की मांगों को लेकर कई फैसले
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय की मांगों को लेकर कई कदम उठाए हैं और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार के साथ चर्चा कर रहे प्रतिनिधि लिए गए फैसलों की जानकारी समुदाय के लोगों तक पहुंचाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महायुति सरकार ने मराठा समुदाय के हित में कई फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, 2014 से लेकर 2026 तक, महायुति सरकार ने ही मराठा समुदाय के हित में फैसले लिए हैं। यह बात पूरे मराठा समुदाय को पता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में मराठा समुदाय के हित में और फैसले लेने की आवश्यकता महसूस हुई, तो सरकार उस दिशा में भी कदम उठाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बातचीत और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
