Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकारी के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। लोकसभा चुनाव से पहले इस बजट को काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें उनपर टिकी हुई हैं। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतरमण ने इस दौरान शिक्षा जगत, रोजगार और कौशल विकास के लिए कुछ अहम घोषणाएं की हैं।
Budget 2023
यह अमृत काल का पहला बजट है। ऐसे में शिक्षा और रोजगार क्षेत्र के लोग भी बजट से आस लगाए बैठे हैं। रोजगार के बारे में बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमृत काल के पहले बजट का मुख्य फोकस रोजगार सृजन पर भी होगा। वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में बताया कि अगले तीन वर्षों में केंद्र 3.5 लाख आदिवासी छात्रों की सेवा करने वाले 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती करेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 60,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अगले तीन साल में 47 लाख युवाओं को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना यानी नेशनल अप्रेंटिस स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके अलावा लाखों कर्मचारियों को मिशन कर्मयोगी योजना के तहत स्किल सुधारने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही साल 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ सह स्थानों में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बच्चों और किशोरों के लिए अलग अलग इलाकों, भाषाओं, विषयों और स्तरों में गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें विभिन्न उपकरणों के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना की जाएगी। राज्यों को उनके लिए पंचायत और वार्ड स्तरों पर प्रत्यक्ष पुस्तकालय स्थापित करने और राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय संसाधनों तक पहुंच बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
