पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 23 जुलाई को छात्रों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, आज (24 जुलाई) जेएनयू भी छात्रों को चेताया। इसमें छात्रों और फैकल्टी से अपील की गई है कि वे जंतर-मंतर पर होने वाली गैर-कानूनी सभाओं और प्रदर्शनों में शामिल न हों, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। कल जारी एक ट्वीट में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों को बताया कि जंतर-मंतर पर होने वाले किसी भी विरोध-प्रदर्शन को भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत सख्ती से नियंत्रित किया जाता है। गैर-कानूनी सभाओं में शामिल होने वालों को अधिकारियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की ओर से सीधी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यूनिवर्सिटी ने इस एडवाइजरी के पीछे छात्रों और फैकल्टी की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपने छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को एक एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने सभी से व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े निर्देशों के मद्देनजर छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास होने वाली किसी भी सभा या प्रदर्शन में शामिल होने या वहां जाने से बचना चाहिए।
सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी दी सलाह
JNU ने सोशल मीडिया पर भी जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के आचार संहिता (Code of Conduct) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
अकादमिक जिम्मेदारी निभाने की अपील
विश्वविद्यालय ने अपने सभी स्टेकहोल्डर्स से अकादमिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने की अपील की है। JNU ने कहा कि सभी को किसी भी गतिविधि में शामिल होते समय व्यक्तिगत सुरक्षा और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
