Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने नवजात और दुधमुंहे बच्चों को चोरी कर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोगों की मांग के अनुसार बच्चों को चोरी कर उन्हें मोटी रकम में बेचता था। मामला टीला मोड़ थाना क्षेत्र के करन गेट इलाके का है। 9 अगस्त को यहां से तीन महीने के एक मासूम के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी।
दो महिलाओं समेत 7 गिरफ्तार
नवजात और कम उम्र के बच्चों की रेकी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला। इसी आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। खासतौर पर नवजात और कम उम्र के बच्चों की रेकी कर उन्हें चोरी किया जाता था। इसके बाद बच्चों को ऐसे लोगों को बेच दिया जाता था, जो पहले से बच्चे की तलाश में होते थे।
मुख्य आरोपी ने अपनी बेटी को भी बेचा
पुलिस ने बताया कि सबसे हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी नफीस पैसों के लिए अपनी सगी बेटी तक को भी बेच चुका है। इस मामले की भी पुलिस अलग से जांच कर रही है। पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि उनका परिवार किराए के मकान में रहता है। उनके मुताबिक, आरोपी नौशाद ने भी करीब डेढ़ महीने पहले उसी इलाके में कमरा किराए पर लिया था। आरोप है कि उसने अपनी बेटी के जरिए पीड़ित परिवार के बच्चे को चोरी करवाया।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी मुश्किल
पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन बच्चों का पता लगाना है, जिन्हें गिरोह ने पहले चोरी कर बेच दिया। पुलिस पुराने मामलों की कड़ियां जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने बच्चों को निशाना बनाया। साथ ही बच्चों के माता-पिता और परिवारों तक उन्हें वापस पहुंचाना पुलिस के लिए अहम चुनौती बनी हुई है।
