Nagpur Crime: महाराष्ट्र के नागपुर से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां दोस्तों ने अपने ही दोस्त के बच्चे का पहले अपहरण किया और पैसे ऐंठने की कोशिश की। जब बात नहीं बनी तो 11 साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी फिर शव को बोरे में भरकर जंगल में फेक दिया। इस अपहरण व हत्याकांड से इलाके में सनसनी मची हुई है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
स्कूल से लौट रहे मासूम का अपहरण
घटना नागपुर के खापड़खेड़ा इलाके की है, जहां कक्षा 6वीं में पढ़ने वाला जीत युवराज सोनेकर रोज की तरह स्कूल गया था और स्कूल से लौटने के दौरान राहुल पाल, यश वर्मा और अरुण भारतीय ने उसका अपहरण कर लिया। बच्चा शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। इसी बीच, बुधवार शाम जंगल में बकरियां चरा रहे एक चरवाहे को एक बोरा दिखाई दिया। बोरे से दुर्गंध आने पर उसने पास जाकर देखा तो अंदर बच्चे का शव था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पिता के दोस्तों ने बनाया था प्लान
पुलिस जांच में सामने आया कि जीत के पिता युवराज सोनकर और इस हत्या का मास्टरमाइंड राहुल पाल, पहले एक ही कॉलोनी में रहते थे। पिछले सात-आठ वर्षों से उनके बीच दोस्ताना संबंध थे। आरोपी राहुल को पता चला था कि जीत के पिता युवराज ने करोड़ों रुपए की खेती का सौदा किया है। ऐसे में राहुल ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने दोस्त युवराज के बेटे जीत का अपहरण करने का प्लान बनाया और पिता से 5 लाख रुपये वसूलने की योजना बनाई। लेकिन पैसा वसूलने में नाकाम होने के बाद उन्होंने 11 साल के मासूम जीत की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया। इस मामले में नागपुर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस घटना से पूरे नागपुर में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग इस वारदात को दोस्ती और भरोसे के नाम पर सबसे बड़ी विश्वासघात की मिसाल बता रहे हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
