Joshimath: उत्तराखंड के जोशीमठ के पास जोगी धारा के ठीक करीब बीते मंगलवार भीषण लैंड स्लाइडिंग हुई थी। भूस्खलन के मलबे के कारण जोशीमठ-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। करीब 60 घंटे से रास्ता बंद है। यहां से मलबे को हटाने का कार्य जारी है। दोनों तरफ तीर्थयात्रियों के वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। आने-जाने वाले दोनों रास्तों में लोग फंसे हुए है। इस बीच संबंधित विभाग की मशीनें लगातार दिन-रात बदरीनाथ नेशनल हाईवे को खोलने में लगी हैं। इससे लगता है कि अब हाईवे जल्द खुल सकता है।
भूस्खलन के मलबे से बंद हुआ बदरीनाथ नेशनल हाईवे जल्द खुलेगा
स्थानीय लोगों ने की तीर्थयात्रियों की सहायता
मलबे के कारण रोड के दोनों ओर फंसे तीर्थयात्रियों को किसी बात की परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए जोशीमठ नगर के सुनील वार्ड में रहने वाले लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। यहां रहने वाले परिवारों ने अपने-अपने घरों में तीर्थयात्रियों के लिए भोजन बनाया और उन्हें खाना खिलाया है। 60 घंटे से यहां फंसे लोगों को भूख और प्यास का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़े।
इतना ही नहीं जोशीमठ नगर के व्यापार संघ के सेवादारों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सेवादारों ने तीर्थ यात्रियों की सेवा भक्ति में हर दिन जगह-जगह पर लंगर लगाया और सभी को भोजन करवाया। भारतीय सेना के जवान भी तीर्थ यात्रियों की मदद करने के लिए आगे आए हैं। सेना के जवानों ने अलग-अलग जगह पर अपना लंगर लगाया और सभी तीर्थयात्रियों की सेवा की।
पैदल यात्रियों के लिए खुला
जोशीमठ-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर मलबा होने के कारण रास्ता अभी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। लेकिन जोशीमठ के भनेरपानी में भूस्खलन से बंद हुए बदरीनाथ नेशनल हाईवे को पैदल यात्रियों के लिए खोल दिया गया है।
