Panna News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान वन विभाग और ग्रामीणों के बीच हिंसक टकराव हो गया। उत्तर वन मंडल के अजयगढ़ रेंज अंतर्गत ग्राम पेराहा में हुई इस घटना में महिलाओं समेत दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना और अजयगढ़ भेजा गया। इस संघर्ष में वन विभाग के दो कर्मचारी भी घायल बताए जा रहे हैं।
झड़प में दो वनकर्मी भी हुए घायल
30 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जे का मामला
जानकारी के अनुसार, ग्राम पेराहा में लगभग 30 हेक्टेयर वन भूमि पर एक समाज के लोग लंबे समय से खेती कर रहे थे। इस जमीन से कब्जा हटाने को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका था, जिसके चलते पूर्व में कार्रवाई सफल नहीं हो सकी थी। इस बार वन विभाग ने छतरपुर और पन्ना रेंज के अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई हिंसक झड़प
विभाग की ओर से जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के बाद वहां पौधरोपण का काम भी शुरू कराया जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। हालात ऐसे हो गए कि कई लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात सामने आई
अस्पताल में भर्ती ग्रामीण विनोद पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सुबह कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने पर महिलाओं और ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इस घटना में सोना पटेल, विनोद पटेल, दिनेश पटेल, राधा पटेल और रजनीश पटेल समेत 20 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
वहीं, वन विभाग का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से अचानक किए गए हमले में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा और पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी घायल हो गईं। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेने का दावा किया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
