देहरादून : उत्तराखंड में संपत्ति के विरासत संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए चलाए गए अभियान के तहत 4,943 प्रकरणों का निपटारा किया गया है। 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित म्यूटेशन डे के आंकड़ों के मुताबिक, धारा-34 और धारा-33ए के तहत कुल 10,404 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से करीब 47.5 फीसदी मामलों का निस्तारण हो चुका है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य निर्विवाद संपत्तियों के हस्तांतरण से जुड़े मामलों को निपटाना है। इन मामलों में संपत्ति के मालिक की मृत्यु के बाद कानूनी वारिसों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
धारा-34 के तहत 3,835 मामलों का निपटारा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धारा-34 के तहत कुल 9,244 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 3,835 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 5,409 मामले लंबित हैं। वहीं, धारा-33ए के तहत दर्ज 1,160 मामलों में से 1,108 का निपटारा हुआ है। इस श्रेणी में 52 मामले अभी लंबित हैं। दोनों धाराओं के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो कुल 5,461 मामले निस्तारण के लिए बाकी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को अभियान के तहत मिले मामलों की नियमित समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों का नियमानुसार जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि संपत्ति से जुड़े निर्विवाद मामलों में देरी होने से लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अभियान के जरिए ऐसे मामलों की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह स्पष्ट नहीं करते कि शेष 5,461 मामलों के निस्तारण के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय की गई है या नहीं।
