Uttarakhand Congress Nyay Yatra October: उत्तराखंड में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जन मुद्दों को लेकर 'उत्तराखंड न्याय यात्रा' निकालने का ऐलान किया है। इस यात्रा का औपचारिक शुभारंभ कल यानी 22 अक्टूबर को धार्मिक आस्था के केंद्र बदरीनाथ धाम और अल्मोड़ा स्थित प्रसिद्ध गोल्ज्यू मंदिर से किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दल आज 21 अक्टूबर को ही देहरादून से बदरीनाथ के लिए रवाना हो चुका है।
उत्तराखंड में कांग्रेस की 'न्याय यात्रा' का कल से होगा शंखनाद: बदरीनाथ धाम और गोल्ज्यू मंदिर से होगी शुरुआत, 27 को विधानसभा घेराव की तैयारी
यात्रा के प्रमुख मुद्दे और उद्देश्य
कांग्रेस पार्टी द्वारा निकाली जा रही यह न्याय यात्रा 22 से 26 अक्टूबर तक गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में चलाई जाएगी। पार्टी का दावा है कि राज्य की जनता भाजपा सरकार की नीतियों से त्रस्त है। यात्रा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाएगा:
अंकिता भंडारी हत्याकांड: मृतका अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग इस यात्रा का सबसे अहम और प्रमुख मुद्दा रहेगा।
बेरोजगारी और भर्ती घोटाले: युवाओं के भविष्य से जुड़े पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को घेरा जाएगा।
कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा: राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।
महंगाई और पलायन: आम जनता पर बढ़ती महंगाई का बोझ और पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन के मुद्दों को जनता के बीच ले जाया जाएगा।
यात्रा का रूट, नेतृत्व और आगामी रणनीति
दो प्रमुख केंद्रों से आगाज: गढ़वाल मंडल में यात्रा की शुरुआत भगवान बद्री विशाल के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद बदरीनाथ धाम से होगी, जबकि कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा के न्याय के देवता गोल्ज्यू मंदिर से इसका विधिवत आगाज किया जाएगा।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: इस यात्रा में उत्तराखंड के तमाम बड़े चेहरे शामिल होंगे, जिनमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह प्रमुख रूप से भाग ले रहे हैं।
विधानसभा घेराव का कार्यक्रम: यात्रा के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 26 अक्टूबर को सभी कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंचेंगे और 27 अक्टूबर को विधानसभा का घेराव करने की योजना है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह न्याय यात्रा महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और न्याय की लड़ाई का एक बड़ा अभियान है। वहीं, इस राजनीतिक हलचल के बीच प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
