UP : सारस पक्षियों ने बढ़ाया कुनबा, 20,628 का हुआ परिवार; जानें किस जिले में कितने?

उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस की संख्या में इजाफा देखा गया है। शीतकालीन राज्यव्यापी गणना में कुल 20,628 सारस दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में योगी सरकार के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। इसका असर राज्य पक्षी सारस की बढ़ती संख्या के रूप में सामने आया है। प्रदेश में कराई गई शीतकालीन राज्यव्यापी गणना में कुल 20,628 सारस दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष दो बार, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन सारस की गणना कराई जाती है। इस वर्ष शीतकालीन गणना प्रदेश के 68 वन प्रभागों में की गई, जिसमें इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3,304 सारस पाए गए। प्रदेश के 10 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 500 से अधिक दर्ज की गई।

Sarus

यूपी में कितने सारस

कहां कितने सारस

राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों का परिणाम है कि सारस की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है। वर्ष 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस मिले थे, जो 2024 में बढ़कर 19,994 हो गए। अब शीतकालीन गणना में यह संख्या 20,628 तक पहुंच गई है। शीतकालीन गणना के दौरान इटावा के बाद मैनपुरी में 2,899, औरैया में 1,283, शाहजहांपुर में 1,078, गोरखपुर में 950, कन्नौज में 826, कानपुर देहात में 777, हरदोई में 752, सिद्धार्थनगर में 736 और संतकबीर नगर में 701 सारस पाए गए।

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