Rajasthan Government Job Scam: फर्जी BPEd डिग्री के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। SOG की टीम ने मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित सत्य साईं यूनिवर्सिटी में सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी के कुलपति, परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी डिग्री मामले में सीहोर की यूनिवर्सिटी के 3 अधिकारी पकड़े
VC, परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा शामिल हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
डमी अभ्यर्थी बैठाकर पास की थी भर्ती परीक्षा
मामला राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 15 दिसंबर 2022 को आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला कि अभ्यर्थी भारमल राम ने कथित तौर पर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया था। परीक्षा पास करने के बाद वह सरकारी पीटीआई बन गया।
दस्तावेज सत्यापन में सामने आई फर्जी डिग्री
आवेदन के समय भारमल राम ने अपनी B.P.Ed डिग्री चूरू स्थित ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से जारी होने की जानकारी दी थी। लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसने दूसरी यूनिवर्सिटी यानी सत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की। SOG की जांच में यह डिग्री भी फर्जी पाई गई और इसके बैकडेट में जारी किए जाने का मामला सामने आया।
यूनिवर्सिटी से रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा जब्त
जांच आगे बढ़ने के बाद SOG ने अदालत से वारंट लेकर सत्य साईं यूनिवर्सिटी में तलाशी ली। टीम ने यूनिवर्सिटी से कई दस्तावेज, रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा जब्त किया। इसके बाद जब्त डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई गई।
फीस रिकॉर्ड में मिली बड़ी गड़बड़ी
फॉरेंसिक वित्तीय जांच में पता चला कि भारमल राम के नाम से यूनिवर्सिटी में दो अलग-अलग फीस लेजर अकाउंट बनाए गए थे। जांच में इन रिकॉर्ड में दर्ज एंट्री बाद में तैयार किए जाने और उन्हें बैकडेट में दिखाने के तथ्य सामने आए।
रिजल्ट जारी होने के बाद बनाए गए रिकॉर्ड
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित परीक्षा का रिजल्ट 21 अक्टूबर 2022 को जारी हुआ था, जबकि फीस से जुड़े लेजर रिकॉर्ड में एंट्री इसके बाद की गई थीं। SOG को आशंका है कि रिकॉर्ड को बाद की तारीख में तैयार करके पुरानी तारीख का दिखाया गया।
66 अभ्यर्थियों ने पेश की यूनिवर्सिटी की B.P.Ed डिग्री
SOG की जांच में एक और अहम जानकारी पता चली है। शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में कुल 66 अभ्यर्थियों ने सत्य साईं यूनिवर्सिटी की B.P.Ed डिग्री पेश की थी। यूनिवर्सिटी में B.P.Ed की 100 सीटें स्वीकृत बताई गई हैं। जांच में इतनी बड़ी संख्या में राजस्थान के अभ्यर्थियों के इस यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने को भी संदेह के नजरिए से देखा जा रहा है।
कई डिग्रियां बैकडेट में जारी होने का शक
SOG के मुताबिक, शुरुआती जांच में 66 अभ्यर्थियों में से बड़ी संख्या में डिग्रियां बैकडेट में जारी किए जाने के संकेत सामने आए हैं। एजेंसी अब यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी डिग्री जारी करने का नेटवर्क कितना बड़ा था।
पहले ही गिरफ्तार हो चुका है मुख्य अभ्यर्थी
इस मामले के मूल अभ्यर्थी भारमल राम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुकाहै। उसके खिलाफ जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। अब यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
मामले की जांच आईजी अजयपाल लांबा और डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में की जा रही है। एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में जांच टीम यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। SOG ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
