रायपुर

अचानक CRPF कैंप पहुंचे CM साय, नक्सल प्रभावित इलाके में बिताई रात; ऐसा करने वाले बने पहले मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय सोमवार रात को अचानक सीआरपीएफ कैंप सेडवा पहुंचे। उन्होंने जवानों के साथ पूरी रात बिताई और उनके अनुभवों को जाना। ऐसा करने वाले वह छत्तीसगढ़ के पहले सीएम बन गए।

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जवानों के बीच पहुंचे सीएम।

Photo : Times Now Digital

Chhattisgarh News: बीते सोमवार की देर रात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक सीआरपीएफ कैंप सेडवा में पहुंच गए। साय के पहुंचने से सीआरपीएफ जवानों के चेहरे में आश्चर्य के साथ खुशी भी देखने को मिली। साथ ही जवानों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री साय ने सोमवार की रात भी जवानों के साथ उनके कैंप में बिताई और इसी के साथ नक्सल प्रभावित इलाके में रात गुजारने वाले विष्णुदेव साय पहले सीएम बन गए।

सीएम विष्णुदेव साय ने जवानों से की बात

मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों के जवानों से आत्मीयतापूर्वक संवाद करते हुए कहा कि जब मैं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में चित्रकोट आया था, तो मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं आप सब जवानों से मिलूं। पिछले 11 महीनों में छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर जो सफलता मिली है। उसमें आप सभी का अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान है। मैं आप सभी के साहस को नमन करता हूं। नक्सल अभियान में आप सभी को जो सफलता मिल रही है, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जब भी मेरी मुलाकात होती है, तो वे नक्सल अभियान में छत्तीसगढ़ को मिल रही सफलता का जिक्र जरूर करते हैं। गृह मंत्री अमित शाह का नक्सल ऑपरेशन में सतत मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा है।

'नक्सल आपरेशन में मिल रही सफलता'

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीआरपीएफ के जवानों से कहा कि पिछले 11 महीनों के दौरान आप लोगों ने जिस तरह नक्सली आतंक को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। आप लोग परिवार से दूर रहकर और सुख-सुविधाओं को त्याग कर बस्तर के विकास में जो योगदान दे रहे हैं, उससे आप लोगों ने यहां के जनजातीय समुदायों के हृदय में अपने लिए हमेशा हमेशा के लिए जगह बना ली है। साय बस्तर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सेडवा कैंप में जवानों को संबोधित किया।

बस्तर से नक्सल उन्मूलन में सुरक्षा जवानों की है अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका

बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने कम समय में ही 200 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर कर दिया है। 740 से ज्यादा माओवादी कैडर्स ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वे हिंसा त्याग कर लोकतंत्र की मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं। शासन ने हिंसा का त्याग करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए ऐसी नीति बनाई है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे। सुरक्षा बल के जवानों द्वारा कैंप में रात्रि विश्राम करने के आग्रह पर उन्होंने कैंप में रात्रि विश्राम भी किया।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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