पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संगरूर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 508 नए इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ERV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के साथ ही मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब पंजाब में पुलिस सहायता अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज 6 मिनट के भीतर उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने 500 से अधिक गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी
508 नई गाड़ियां बेड़े में शामिल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के सभी 28 पुलिस जिलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 508 बोलेरो गाड़ियां पुलिस बेड़े में शामिल कीं। इन वाहनों के आने से 'डायल-112' सेवा के तहत चलने वाले बेड़े की कुल संख्या अब 764 हो गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम स्तर पर लाना है ताकि आपात स्थिति में नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
आधुनिक तकनीक से लैस हैं नए वाहन
ये केवल गाड़ियां नहीं हैं, बल्कि चलते-फिरते छोटे कंट्रोल रूम हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी 508 वाहन त्वरित सूचना के लिए मोबाइल डेटा टर्मिनल और स्मार्टफोन, डैश कैमरे और जीपीएस ट्रैकर और वायरलेस सिस्टम तकनीक से लैस हैं। इन तकनीकी सुधारों के कारण 'डायल-112' पर आने वाली प्रतिदिन की लगभग 15,000 कॉल्स पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
कानून-व्यवस्था का 'निवेश' से सीधा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था ही निवेशकों का भरोसा जीतती है। उन्होंने टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करने के फैसले को राज्य की बेहतर सुरक्षा स्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया। मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां उन्होंने 4 वर्षों में पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं कैप्टन सरकार ने मात्र 92.52 करोड़ और अकाली दल ने 160 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे।
नशा तस्करों का होगा 'सामाजिक बहिष्कार'
नशे के खिलाफ युद्ध का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करें। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की सख्त पैरवी के कारण एनडीपीएस (NDPS) मामलों में सजा की दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने 'नशा आतंकवाद' से निपटने के लिए पंजाब पुलिस की मुस्तैदी की भी सराहना की।
सड़क सुरक्षा और नई भर्तियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स के कारण पंजाब के हाईवे पर दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलते हुए उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल सहित हजारों नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।
