चैत्र नवरात्रा 2023: प्रयागराज में है अद्भुत शक्तिपीठ, यहां गिरा था देवी मां की भुजा का पंजा, जानिए इस पौराणिक मंदिर की खासियत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 13, 2023, 06:17 PM IST

Chaitra Navratri 2023: सनातन धर्म की 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से 14वां शक्तिपीठ है मां आलोपशंकरी का मंदिर। संगम के तट पर मौजूद इस पौराणिक महत्व वाले मंदिर में नवरात्रों के दौरान यहां मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। खास बात ये है कि, यहां पर देवी मां की कोई प्रतीमा नहीं है। बस प्रतीकात्मक एक पालना है, जिसकी भक्त पूजा करते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • संगम के तीरे गिरा था देवी मां के हाथ का पंजा
  • हाथ गायब हो गया तो नाम पड़ा आलोपशंकरी
  • देश के 51 में से यहां 14वां शक्तिपीठ है


Chaitra Navratri 2023: सनातन संस्कृति की पौराणिक धर्म नगरी प्रयागराज वैसे तो आदिकाल से चली आ रही अपनी सनातनी परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। संगम के तीरे आस्था की बयार साल भर बहती रहती है। हिंदू धर्म की 3 सबसे पवित्र व पौराणिक नदियों का संगम भी यहीं होता है, जिससे इस प्राचीन नगरी का महत्व और प्रगाढ हो जाता है।

Famous Alop Shankari Temple

प्रयागराज में है 14वीं शक्तिपीठ मां आलोपशंकरी मंदिर (फाइल फोटो)

कुछ दिनों बाद माता की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रे आने वाले हैं। ऐसे में संगम नगरी में एक और खास महत्व वाला प्राचीन और पौराणिक स्थान है, जहां पर भक्त देवी मां की आराधना करते हैं। सनातन धर्म का 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से 14वां शक्तिपीठ है मां आलोपशंकरी का मंदिर। संगम के तट पर मौजूद इस पौराणिक महत्व वाले मंदिर में नवरात्रों के दौरान यहां मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। खास बात ये है कि, यहां पर देवी मां की कोई प्रतीमा नहीं है। बस प्रतीकात्मक एक पालना है, जिसकी भक्त पूजा करते हैं।

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