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दिल्ली में कॉकरोच के पुतला दहन पर सियासी बवाल, AAP की मांग-'FIR दर्ज हो, वरना जाएंगे कोर्ट'

दिल्ली के पीतमपुरा में 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला दहन किया गया। पहले कॉकरोच, फिर कुंभकर्ण, मेघनाथ और रावण का पुतला दहन किया है।

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दिल्ली में कॉकरोच का पुतला दहन पर सियासी बवाल

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने का आरोप लगाया गया है, इनका कहना श्री केशव रामलीला कमेटी में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के साथ जलने वाले कॉकरोच के पुतले के कारण हिंदू परंपरा को बदला व समुदायों को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली के पीतमपुरा में 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला दहन किया गया। पहले कॉकरोच, फिर कुंभकर्ण, मेघनाथ और रावण का पुतला दहन किया है।

समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह घटना 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक युवा और छात्र राजनीतिक आंदोलन द्वारा दिल्ली की सड़कों पर किए जा रहे व्यापक प्रदर्शनों के दौरान हुई है। CJP लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।

वही मंत्री कपिल मिश्रा का कहना है पुतला जल रहा है कॉकरोच का और दर्द हो रहा है दीमकों को, कपिल मिश्रा ने सौरभ भारद्वाज द्वारा दी गई शिकायत को लेकर AISA, आम आदमी पार्टी, CJP व अन्य विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा है।

AAP ने FIR की मांग की

AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर को औपचारिक शिकायत भेजी है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि:-

• सनातन परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों को जानबूझकर विकृत किया जा रहा है।

• धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है।

• समुदायों के बीच दुश्मनी और सामाजिक तनाव बढ़ाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने अशोक गोयल देवराहा, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है।

यह अनोखा पुतला काफी चर्चा का विषय बन गया

'श्री केशव रामलीला समिति' द्वारा तैयार किया गया यह अनोखा पुतला काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसके पीछे सामाजिक और राजनीतिक, दोनों तरह के संदेश छिपे हैं। समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल के नेतृत्व में, आयोजनकर्ताओं का कहना है कि यह कॉकरोच 'गंदगी और अस्वच्छ हालात' का प्रतीक है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ इसे जलाना, 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियानों को बढ़ावा देने के एक संदेश के रूप में पेश किया गया है।

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