उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कचहरी परिसर स्थित बंदीगृह के शौचालय में एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई है। वह पुवायां थाना क्षेत्र का रहने वाला था और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद था। उसे अदालत में पेशी के लिए कचहरी लाया गया था। घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। वहीं, बंदीगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शौचालय में फंदे से लटका मिला शव
जानकारी के मुताबिक, दीपक बंदीगृह के शौचालय में गया था। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया तो लोगों ने जांच की। इस दौरान उसका शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आत्महत्या की घटना से पहले दीपक को अदालत में पेश किया गया था या नहीं। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एसपी सिटी ने क्या बताया?
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि दीपक पुवायां थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद था। उसे शुक्रवार को अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। इसी दौरान बंदीगृह के शौचालय के अंदर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश अवस्थी ने बंदीगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कचहरी परिसर में इस तरह की घटना होती है तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
राजेश अवस्थी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि बंदीगृह के अंदर बंदी की गतिविधियों की निगरानी क्यों नहीं की गई और चादर अंदर कैसे पहुंची। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और सुरक्षा व्यवस्था में किसी संभावित चूक की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
