बिहार के चिकित्सा क्षेत्र में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बेहतर और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का प्रशिक्षण लेने के लिए भारतीय डॉक्टरों के विदेश जाने के साथ-साथ विदेशी विशेषज्ञ डॉक्टर भी प्रशिक्षण के लिए पटना पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में सऊदी अरब के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अहमद अब्दुल्ला ने पटना स्थित AIOR सुपरस्पेशियलिटी यूनिट में तीन सप्ताह की अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप पूरी की है।
बदल रही बिहार की मेडिकल तस्वीर
इस दौरान उन्होंने डॉ. आशीष सिंह एवं उनकी विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक टीम के मार्गदर्शन में रोबोटिक-असिस्टेड हिप एवं नी रिप्लेसमेंट तथा जटिल रिवीजन ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस तीन सप्ताह की फेलोशिप का मुख्य उद्देश्य आधुनिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में विशेषज्ञता और चिकित्सा ज्ञान का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अहमद अब्दुल्ला को क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन, जटिल सर्जिकल मामलों पर चर्चा, सर्जिकल प्लानिंग और आधुनिक ऑपरेशन तकनीकों को करीब से समझने का अवसर मिला।
यह उपलब्धि केवल AIOR सुपरस्पेशियलिटी यूनिट के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के चिकित्सा समुदाय के लिए गर्व का विषय है। एक समय था जब आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और उन्नत प्रशिक्षण के लिए भारतीय डॉक्टरों को विदेश जाना पड़ता था। आज अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का प्रशिक्षण के लिए पटना आना यह दर्शाता है कि भारत और विशेष रूप से बिहार में चिकित्सा विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण की क्षमताएं लगातार विकसित हो रही हैं।
डॉ. आशीष सिंह के नेतृत्व में AIOR सुपरस्पेशियलिटी यूनिट रोबोटिक आर्थ्रोप्लास्टी, जटिल ज्वाइंट रिकंस्ट्रक्शन और रिवीजन ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में लगातार अपनी विशेषज्ञता विकसित कर रही है। डॉ. आशीष सिंह Stryker MAKO International Proctor के रूप में भी जुड़े हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्जिकल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों के ज्ञान के आदान-प्रदान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
संस्थान के अनुसार, UAE सरकार के साथ प्रशिक्षण सहयोग के माध्यम से भी डॉक्टरों को डॉ. आशीष सिंह के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिल रहा है। यह पहल अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहयोग और विशेषज्ञता साझा करने की दिशा में एक अहम कदम है।
सऊदी अरब के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अहमद अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप पूरी की
इस अवसर पर डॉ. आशीष सिंह ने कहा, ''यह हमारे लिए गर्व की बात है कि सऊदी अरब जैसे देश के एक विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक सर्जन ने आधुनिक रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट और जटिल रिवीजन सर्जरी की तकनीकों को समझने के लिए पटना को चुना। यह बिहार में विकसित हो रही चिकित्सा विशेषज्ञता और प्रशिक्षण क्षमता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य केवल मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान साझा करना और देश-विदेश के डॉक्टरों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से परिचित कराना भी है।''
डॉ. अहमद अब्दुल्ला की यह फेलोशिप पटना को अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा ज्ञान और प्रशिक्षण के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल डॉक्टरों के बीच पेशेवर संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को आगे बढ़ाने के नए अवसर भी मिलते हैं।
AIOR सुपरस्पेशियलिटी यूनिट के लिए यह उपलब्धि बिहार की चिकित्सा विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और पटना को आधुनिक ऑर्थोपेडिक प्रशिक्षण के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
