शहर

पटना: बेगम को दिया तीन तलाक, शौहर को हुई दो साल की कठोर सजा

Patna Triple Talaq Case: फुलवारी शरीफ थाने में सितंबर 2022 में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सिमरी गांव के निवासी अहमद ने उस साल पांच सितंबर को अपनी पत्नी को तीन तलाक दिया था। उस समय दोनों की शादी को करीब 21 साल हो चुके थे और उनके तीन बच्चे हैं।

Image

तीन तलाक मामले में दो साल की सजा (फोटो साभार- AI)

Patna Triple Talaq Case: बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत ने पत्नी को तीन तलाक देने के मामले में एक व्यक्ति को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सहाय ने बृहस्पतिवार को नौशाद अहमद को मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 323 जानबूझकर चोट पहुंचाना और धारा 341 गलत तरीके से रोकना के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने अहमद पर 6,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक महीने और 22 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। हालांकि, अदालत ने उसे पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश के आरोप से बरी कर दिया।

21 साल की शादी तोड़ने पर शौहर को जेल

फुलवारी शरीफ थाने में सितंबर 2022 में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सिमरी गांव के निवासी अहमद ने उस साल पांच सितंबर को अपनी पत्नी को तीन तलाक दिया था। उस समय दोनों की शादी को करीब 21 साल हो चुके थे और उनके तीन बच्चे हैं। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि अहमद ने उसके एवं बच्चों के साथ मारपीट की थी और उस पर तेजाब फेंकने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में 31 जुलाई 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया था। अहमद के वकील शेखर कुमार ने शनिवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि अभियोजन पक्ष तेजाब से हमले की कोशिश का आरोप साबित नहीं कर पाया।

पटना में पहली बार तीन तलाक मामले में हुई सजा

उन्होंने अन्य आरोपों में अहमद को दोषी ठहराए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनका मुवक्किल फिलहाल जमानत पर बाहर है तथा वह अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। कुमार ने बताया कि बचाव पक्ष अदालत के आदेश की प्रति मिलने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि पटना जिले में तीन तलाक के किसी मामले में पहली बार सजा सुनाई गई है। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत तत्काल तीन तलाक देना अवैध और अमान्य है। इस कानून में ऐसा करने वाले पति को तीन साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।लोकसभा ने इस विधेयक को 25 जुलाई 2019 और राज्यसभा ने 30 जुलाई 2019 को पारित किया था।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article