Pali News: राजस्थान के पाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-4 स्थित सारड़ा बायो पॉलीमर फैक्ट्री में रविवार रात करीब 11 बजे भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में ग्वार गम प्रोसेसिंग का काम किया जाता है। आग लगने से तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि दो अन्य श्रमिकों के लापता होने की सूचना सामने आई। हादसे के दौरान फैक्ट्री में करीब 17 लोगों के काम करने की जानकारी मिली है। इनमें से 12 श्रमिकों के भागकर सुरक्षित निकलने की बात सामने आई है।
तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे
आग की चपेट में आने से राजेंद्र कुमार (30), विकी (19) और अवधेश सिंह (40) बुरी तरह झुलस गए। घायलों को पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया। तीन मंजिला फैक्ट्री में आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल कर्मियों को इसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने के लिए पाली नगर निगम के साथ रानी, सुमेरपुर, बाली, फालना, सोजत और रीको की दमकल टीमें मौके पर जुटी रहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रात 2:51 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
घायलों को कार से पहुंचाया गया अस्पताल
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने झुलसे श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। वार्ड संख्या 54 की पार्षद मधु के पति गोपाल पंवार ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तब दो श्रमिक गंभीर रूप से झुलसी हालत में फैक्ट्री के बाहर सड़क पर पड़े थे। उन्होंने अपने दोस्त हरीश हीरागर की कार से दोनों घायलों को बांगड़ अस्पताल पहुंचाया, जबकि तीसरे श्रमिक को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गुरु नगर निवासी रवि परिहार और महेंद्र चौहान भी घायलों की मदद के लिए आगे आए। दोनों ने बताया कि आग की लपटें देखकर वे घटनास्थल पर पहुंचे और एंबुलेंस तथा पुलिस सहायता के लिए 108 और 112 पर संपर्क करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, मौके पर कुछ लोगों को फैक्ट्री से बाहर निकाला जा रहा था। इसके बाद उन्होंने घायलों को अपनी कार से बांगड़ अस्पताल पहुंचाया।
दो श्रमिकों के लापता होने की सूचना
हादसे के बाद उपेंद्र और नीतीश नाम के दो श्रमिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई। रात करीब 2:30 बजे तक उनका पता नहीं चल पाया था। बताया गया कि उनके मोबाइल फोन पर कॉल जा रही थी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही थी। उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीएम विमलेंद्र सिंह और महापौर के पति विकास बुबकिया भी घायलों का हाल जानने बांगड़ अस्पताल पहुंचे। फैक्ट्री में आग लगने के कारण, सुरक्षा इंतजामों और हादसे के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने, लापता श्रमिकों का पता लगाने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की है।
