Noida News: नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल की दूसरी मंजिल पर एक 32 वर्षीय युवक का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान नीरज कुमार के रूप में हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि युवक रात में इलाज कराने आया था, लेकिन काफी देर तक वह परिसर में मृत पड़ा रहा और किसी भी सुरक्षाकर्मी या स्टाफ की नजर उस पर नहीं पड़ी।
इलाज कराने आए युवक की संदिग्ध मौत (सांकेतिक चित्र)
राउंड के दौरान कर्मचारी ने देखा शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नीरज गुरुवार रात को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। देर रात जब अस्पताल में तैनात कर्मचारी फरीद बाबू नाइट राउंड पर निकले, तो उन्होंने दूसरी मंजिल पर एक युवक को अचेत अवस्था में पड़े देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को दी।
हाथ में मिला 1 रुपये का पर्चा
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की तलाशी ली, तो मृतक के हाथ से अस्पताल का ओपीडी (OPD) पर्चा बरामद हुआ, जिसे उसने एक रुपया देकर बनवाया था। हालांकि, उस पर्चे पर मरीज का पूरा पता दर्ज नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्चे पर एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ है, जिसके आधार पर मृतक के परिजनों से संपर्क करने और उसका पूरा पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
शुरुआती शक हार्ट अटैक पर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच और डॉक्टरों से पूछताछ में मामला कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) का लग रहा है। मृतक के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।
अस्पताल की सुरक्षा और दावों की खुली पोल
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर, जहां सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती का दावा किया जाता है, वहां दूसरी मंजिल पर घंटों एक शव पड़ा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और नाइट पेट्रोलिंग पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में इस लापरवाही को लेकर काफी आक्रोश है।
