Noida Cyber Fraud: नोएडा में एक रिटायर्ड ADM के साथ 35 लाख की साइबर ठगी हुई। ठगों ने पीड़ित को आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर उन्हें तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और जज बताकर ऑनलाइन कोर्ट की फर्जी सुनवाई भी कराई। आखिरकार बेटी की सतर्कता से इस ठगी का खुलासा हुआ।
नोएडा में रिटायर्ड LIC अधिकारी से 35 लाख की ठगी
तीन दिन तक डर के साये में रखा
सेक्टर-113 थाना क्षेत्र के रहने वाले LIC के रिटायर्ड सहायक डिविजनल मैनेजर को 2 जुलाई की शाम एक अंजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिसकर्मी बताया। उसने पीड़ित से कहा कि उनके आधार कार्ड से खोले गए बैंक खाते का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन PFI को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया है। साथ ही कहा कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया चुका है।
ऑनलाइन कोर्ट का रचा गया नाटक
ठगों ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान वे लगातार संपर्क में रहे और आरोपियों ने उन्हें किसी से भी बात न करने की हिदायत दी। इस दौरान वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी और जज बनकर फर्जी कोर्ट की कार्यवाही दिखाई गई। वीडियो कॉल पर वर्दी पहने व्यक्ति और पुलिस का लोगो दिखाकर पूरे मामले को असली साबित करने का प्रयास किया गया।
बेटी की शादी के लिए जमा पैसे भी ठग लिए
डिजिटल अरेस्ट के दौरान ठगों ने पीड़ित से उनकी जमा पूंजी के बारे में जानकारी ली। पीड़ित ने उन्हें बताया कि उनके बैंक में बेटी की शादी के लिए 35 लाख रुपये जमा हैं, तो उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक यह रकम RBI के सुरक्षित खाते में भेजनी होगी, जिसे बाद में वापस कर दिया जाएगा। ठगों के कहने पर पीड़ित ने पूरे 35 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में भेज दिए।
बेटी को हुआ शक, तब खुली ठगी की पोल
गुरुग्राम में नौकरी करने वाली पीड़ित की बेटी को दो दिनों तक अपने पिता के व्यवहार में बदलाव दिखा। जिसके बाद वह तुरंत गुरुग्राम से नोएडा पहुंची। बातचीत के दौरान पिता ने उसे पूरी घटना बताई। बेटी ने समझाया कि यह साइबर ठगों का जाल है। बेटी ने बताया कि ठग हर तीन घंटे में फोन या मैसेज कर पिता पर नजर रख रहे थे। रविवार रात जब ठगों का मैसेज आया तो उसका जवाब बेटी ने खुद दिया। इसके बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि पुलिस, कोर्ट या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाली ऐसी कॉल से सावधान रहें और किसी भी अनजान बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर न करें।
