महाराष्ट्र में 'भाषा आपातकाल'! अनिवार्य हिंदी के खिलाफ उद्धव-राज आएंगे एक साथ? संजय राउत ने कहा- 'ठाकरे ब्रांड हैं!'

महाराष्ट्र के स्कूलों में अनिवार्य हिंदी के खिलाफ उद्धव और राज ठाकरे एकजुट हो रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत कहते हैं, कि महाराष्ट्र के स्कूलों में अनिवार्य हिंदी के खिलाफ एक एकीकृत मार्च होगा। इसके लिए दोनों भाई एकजुट हैं।

मुंबई : महाराष्ट्र में बड़ी सियासी हलचल दिखाई दे रही है। इस बार उद्धव और राज ठाकरे के एक साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं। शुक्रवार को एक तस्वीर सामने आने के बाद ये संभावनाएं और प्रबल हो गईं, जब शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि 'महाराष्ट्र के स्कूलों में अनिवार्य हिंदी के खिलाफ एक एकीकृत मार्च होगा। ठाकरे ब्रांड हैं! शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में हिंदी थोपे जाने जाने को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भाषा के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उद्धव के चचेरे भाई एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी त्रि-भाषा फार्मूले और हिंदी थोपे जाने के सरकार के कदम का विरोध किया। यही कारण है कि एक दूसरे के राजनीतिक विरोधी ठाकरे बंधु एकजुट होकर इस लड़ाई के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

Uddhav Raj Thackeray Against Hindi

उद्धव-राज ठाकरे (फाइल फोटो)

उद्धव ठाकरे का क्या है स्टैंड?

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को दावा किया था कि उनकी पूर्व सहयोगी भाजपा मुख्य रूप से मराठी भाषी राज्य में ‘‘भाषा आपातकाल’’ लगाने का प्रयास कर रही है। ठाकरे ने इस बात पर बल दिया कि उनकी पार्टी हिंदी के विरोध में नहीं है, लेकिन साफ तौर पर इसे थोपे जाने के खिलाफ है। मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को हिंदी पढ़ाने को लेकर जारी विवाद के बीच उन्होंने कहा कि हम किसी भाषा का विरोध या उससे नफरत नहीं करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी भी भाषा को थोपने की अनुमति देंगे। हम हिंदी थोपे जाने का विरोध करते हैं और यह जारी रहेगा।

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