नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने स्लम रिहैबिलिटेशन को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। देवेंद्र फड़नवीस की अगुवाई में महाराष्ट्र सरकार अब झुग्गी में रहने वाले आम आदमी को भी हाई-क्लास ज़िंदगी देने का प्रयास शुरू कर चुकी है।
मुंबई में बना SRA प्रोजेक्ट का नया मॉडल
मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) लिंक रोड पर श्रीजी शरण के 30 मंजिला एसआरए प्रोजेक्ट में यहाँ के तक़रीबन 700 ग़रीब परिवारों के लिए 300 स्क्वायर फीट के साथ प्राइवेट लग्ज़री टाउनशिप्स के तर्ज पर जिम के अलावा वेलनेस ज़ोन, स्पा, योगा रूम, कम्युनिटी हॉल, सोसाइटी का अपना प्राथमिक अस्पताल, पॉडकास्ट स्टूडियो, पालना घर, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, रिसेप्शन लॉबी, पोडियम पार्किंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ दी गई हैं।
प्रोजेक्ट के लाभार्थियों ने इन सुविधाओं पर अपनी ख़ुशी जाहिर की। महाराष्ट्र सरकार के इस पहल पर बीजेपी विधायक योगेश सागर ने कहा, “अभी तक SRA को लोग वर्टिकल स्लम कहते थे। अब हम कह सकते हैं कि यह वर्टिकल प्राइड है। अगर सुविधाएं ऐसी हों, तो कोई भी झुग्गीवासी खुशी से रिहैबिलिटेशन को अपनाएगा। ये है असली बदलाव। श्रीजी शरण की ऐक्यम परियोजना के निर्माता मेहुल संघवी ने कहा, “हमने इसे CSR की तरह लिया, सिर्फ फ्लैट नहीं दिए, लोगों की सोच बदली। हमारे लिए ये सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं, एक बदलाव की शुरुआत है।”
इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद आपको शहर के बाक़ी एसआरए प्रोजेक्ट्स में भी ऐसी ही अत्याधुनिक सेवाएं देखने मिल सकती हैं जिससे मुंबई का कायाकल्प दिखाई दे सकता है।
