Monsoon 2026: कहीं सूखे तेवर, कहीं बारिश का कहर! राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून तो पूर्वोत्तर और बंगाल में आसमान से बरसेगी आफत

Monsoon 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का असर अब एक जैसा नहीं रहने वाला है, कहीं बारिश थमने से गर्मी बढ़ेगी तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में कमजोर मानसून के बीच जयपुर की दर्दनाक घटना ने सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली का खतरा बना हुआ है।

Monsoon 2026: राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का दौर कमजोर हुआ है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया है। इसी बीच जयपुर में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से भाई-बहन की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में नए निम्न दबाव के प्रभाव से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल प्रदेश में भी 29 अगस्त से कई दिनों तक बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

Monsoon 2026

मानसून ने बदली अपनी चाल!

राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून

राजस्थान में मानसून के कमजोर पड़ने से बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं और कई इलाकों में एक बार फिर गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के जयपुर केंद्र के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के धौलपुर, झालावाड़ और बारां जिलों में कुछ स्थानों पर एक से तीन सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में इस दौरान बारिश नहीं हुई। इस अवधि में श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू में 39.6 डिग्री, पिलानी में 39.2 डिग्री और फलोदी में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में एक बार फिर गर्मी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम रहने और मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। हालांकि, सितंबर के पहले सप्ताह में चार से सात सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।

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